पश्चिम बंगाल में चुनावी खेला शुरू हो चुका है. ममता बनर्जी ने 291 उम्मीदवारों का ऐलान किया. वहीं दीदी ने अपना रणक्षेत्र नंदीग्राम को चुना है. अब बारी बीजेपी की हैं, जहां नंदीग्राम में दीदी के खिलाफ शुभेंदु अधिकारी के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस बना हुआ है.
शनिवार सुबह की 5 बड़ी खबरें
1- नंदीग्राम में दीदी बनाम दादा? ममता बनर्जी ने कर ली पूरी तैयारी, आज शुभेंदु की बारी!
पश्चिम बंगाल में चुनावी खेला शुरू हो चुका है. ममता बनर्जी ने शुक्रवार को हुंकार के साथ 291 उम्मीदवारों का ऐलान किया. वहीं दीदी ने अपना रणक्षेत्र नंदीग्राम को चुना है. अब बारी बीजेपी की हैं, जहां नंदीग्राम में दीदी के खिलाफ शुभेंदु अधिकारी के चुनाव लड़ने पर सस्पेंस बना हुआ है.
2- पाकिस्तानः इमरान सरकार के विश्वास मत का बहिष्कार करेगा विपक्षी गठबंधन
पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा कि शनिवार को होने वाले नेशनल असेंबली सत्र में कोई भी विपक्षी सदस्य शामिल नहीं होगा, जिसमें प्रधानमंत्री इमरान खान विश्वास मत हासिल करेंगे. पीडीएम 10 विपक्षी दलों का गठबंधन है. रहमान का कहना है कि गिलानी की जीत खुद इमरान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव थी.
3- बिहार के युवक की दिल्ली में हत्या, रिश्तेदार ने ही कैंची घोंपकर मार डाला
बिहार के युवक की दिल्ली में हत्या, रिश्तेदार ने ही कैंची घोंपकर मार डाला मृतक आफताब बिहार के अररिया जिले का रहने वाला था. मृतक और आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए जाते हैं. पुलिस के मुताबिक मृतक के परिवार और आरोपी के बीच गांव में संपत्ति को लेकर विवाद भी चल रहा था.
“सन ऑफ मल्लाह” के नाम से मशहूर मुकेश सहनी मुश्किल में तब आ गए, जब बीते दिनों वैशाली जिले के हाजीपुर में एक सरकारी कार्यक्रम में खुद ना जाकर उन्होंने अपने छोटे भाई संतोष कुमार सहनी को भेज दिया. मंत्री मुकेश सहनी के भाई इस कार्यक्रम में बकायदा मंत्री की भूमिका में नजर आए.
महिलाओं को चूल्हे के धुएं से निजात दिलाने के लिए उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गई. लेकिन गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.गरीब परिवारों को मुफ्त सिलेंडर तो दे दिए गए, लेकिन गैस के दाम बढ़ने से लाभार्थी इन्हें रीफिल नहीं करा पा रहे हैं. 10 महीने में 250 रुपये से ज्यादा और 44 दिन में 125 रुपये के करीब सिलेंडर के दाम में इजाफा हो चुका है. सब्सिडी भी बंद होने से राजस्थान में उज्ज्वला योजना के 30 से 35 फीसदी लाभार्थियों ने फिर सिलेंडर नही भरवाया.