
Valentine Week 2023 : वैलेंटाइन डे सुनकर हम सबके दिमाग में जो पहली तस्वीर सामने आती है, वह होती है 'गुलाब के फूल' की. वैलेंटाइन डे के मौके पर गुलाब का फूल देकर इजहार-ए-इश्क किया जाता है. मगर, तब क्या हो जब किसी देश में वैलेंटाइन के मौके पर गुलाब के फूल के आयात (Rose flower Import Ban) पर बैन लगा दिया जाए.
दरअसल, हमारे पड़ोसी देश नेपाल में कुछ ऐसा ही आदेश जारी किया गया है. आदेश में वैलेंटाइन डे के लिए गुलाब के फूल आयात करने पर बैन लगाया गया है. देश के कृषि तथा पशु पंछी विकास मंत्रालय ने आदेश जारी किया है.
सरकार की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया है, ''भारत और चीन की सभी सीमाओं और एयरपोर्ट से गुलाब का फूल लाने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.''

आर्थिक मंदी से जूझ रहा नेपाल, करोड़ों का गुलाब नहीं करेगा आयात
सरकार का भारत और चीन से गुलाब के फूल आयात करने को लेकर लगाए गए प्रतिबंध के पीछे की वजह भी सामने आई है. दरसअल, नेपाल इस समय आर्थिक मंदी से जूझ रहा है. वैलेंटाइन के मौके पर सरकार को हर साल करोड़ों के डंडी वाले गुलाब का आयात करना पड़ता है. दरअसल, नेपाल में गुलाब का उत्पादन उतना नहीं है, जितनी मांग होती है.
ढ़ाई से तीन लाख स्टिक गुलाब की होती है मांग
नेपाल में हर वर्ष वैलेंटाइन डे पर करोड़ों रुपये का ढाई से तीन लाख स्टिक गुलाब आयात किया जाता रहा है. यहां गुलाब फूल का उत्पादन तो होता है. मगर, वैलेंटाइन डे पर फूल की मांग बढ़ जाती है. इसकी आपूर्ति के लिए भारत और चीन से स्टिक गुलाब नेपाल आयात करता है.
वहीं, नेपाल के कस्टम के अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल सरकार के गुलाब के आयात पर प्रतिबंध लगाने से पहले तक भारत से दस हजार किलो गुलाब का फूल आयात हो चुका है.
नेपाल फ्लोरीकल्चर एसोसिएशन का है यह कहना
नेपाल फ्लोरीकल्चर एसोसिएशन के मुताबिक, नेपाल में सिर्फ 20 हजार पीस गुलाब के फूल का उत्पादन हो पाता है. हालांकि, एक अनुमान के मुताबिक वैलेंटाइन डे पर काठमांडू में दो लाख पीस और बाकी शहरों में करीब डेढ़ से दो लाख पीस गुलाब के फूल की डिमांड होती है. इस बार वैलेंटाइन डे पर ढाई से तीन लाख पीस गुलाब के फूल की किल्लत होने वाली है.