कांग्रेस के सीनियर नेता और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि उनके नाम से फर्जी पत्र लिखकर वायरल किया जा रहा है. ऐसा करके शरारती तत्व मेरे और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के बीच रिश्तों में दरार पैदा करना चाहते हैं.
सिद्धारमैया ने ट्वीट कर कहा, "हमारी पार्टी के बारे में कार्यकर्ताओं में भ्रम पैदा करने के इरादे से पत्र लीक किया गया है, जो अगले चुनाव में जीत की राह पर है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस के नेता एकजुट हैं. विपक्ष अनैतिक रूप से प्रसारित किए पत्र से हमारी छवि को खराब कर एकता और प्रतिबद्धता को नहीं तोड़ सकता है."
सिद्धारमैया ने ट्वीट किया वायरल लेटर
सिद्धारमैया ने वायरल किए गए पत्र की एक कॉपी को साझा करते हुए ट्वीट किया, ''मैंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा है. वे अपने नेताओं की तरह सबसे निचले स्तर तक गिर गए हैं." उन्होंने कहा कि मैं पुलिस में शिकायत दर्ज कराने जा रहा हूं और विश्वास है कि इसके पीछे के दोषियों को ढूंढ निकाला जाएगा और उन्हें सजा दी जाएगी.
A fake & forged letter with my name on the letterhead is being circulated with a mala fide intension of creating confusion among people, party workers & leaders.
— Siddaramaiah (@siddaramaiah)
Disturbed by their falling electoral prospects, has stooped low like their high command.
सिद्धारमैया बोले- पत्र से कोई लेना-देना नहीं
कर्नाटक के पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि उनके और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डीके शिवकुमार के बीच संबंध खराब करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से उनके नाम से पत्र वायरल किया गया. उन्होंने कहा कि मेरे नाम से एक फर्जी पत्र प्रसारित किया जा रहा है. कुछ बदमाशों ने मेरे और केपीसीसी अध्यक्ष के बीच संबंध खराब करने की कुत्सित मंशा से ऐसा किया. मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस पत्र से मेरा कोई लेना-देना नहीं है.