राजौरी, जम्मू-कश्मीर का अहम जिला, आतंकवादियों के खिलाफ सक्रिय अभियानों के बीच आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कमर कस रहा है. भारतीय सेना जहां नियंत्रण रेखा (LoC) के 120 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रही है, वहीं चुनाव आयोग भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए अपनी कोशिश में जुटी है.
चुनाव अधिकारियों की टीम ने जिले के 745 मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग सुनिश्चित करने की योजना बनाई है. इस बार पिछले चुनावों की तुलना में 65 नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं, ताकि सभी मतदाता की वोटिंग सेंटर तक पहुंच मिल सके.
यह भी पढ़ें: जम्मू कश्मीर में बीजेपी का 35:10 फॉर्मूला कितना प्रैक्टिकल? किन फैक्टर्स से पार्टी को घाटी में उम्मीद
मतदान केंद्रों पर सुनिश्चित किया जाएगा शांतिपूर्ण चुनाव
चुनाव नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों की मुख्य जिम्मेदारी होती है कि वे मतदान केंद्रों की निगरानी करेंगे, सुरक्षा के सभी पुख्ता इंतजाम किए जाएं और Cvigil एप्लिकेशन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निपटारा करें.
चुनाव अधिकारी बताते हैं कि उन्होंने अपने अधिकारियों को सिर्फ चुनाव प्रबंधन तक सीमित न रखते हुए, इस पूरे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुगम और निष्पक्ष बनाने के लिए ट्रेनिंग दिया गया है. उन्होंने कहा, "इस बार हम मतदाता टर्नआउट और मतदान में नए रिकॉर्ड स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
मतदान से पहले मतदान केंद्र पर किए जा रहे इंतजाम
राजौरी के जिला आयुक्त अभिषेक शर्मा ने बताया, "इस चुनाव को सिर्फ वोट डालने के रूप में ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के पर्व के रूप में मनाया जा रहा है. हमने मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई है, मतदान दिवस पर वृक्षारोपण अभियान चलाए हैं और पहली बार वरिष्ठ नागरिकों और विशेष अक्षम मतदाताओं के लिए घर पर मतदान की सुविधा प्रदान की है."
भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर सतर्कता बरकरार रखते हुए और चुनाव आयोग जमीनी स्तर पर मेहनत करते हुए, राजौरी दिखा रहा है कि सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद, लोकतंत्र अपनी पूर्ण महिमा में खिलता दिख रहा है.