भारत और अजरबैजान ने व्यापार, संस्कृति और शिक्षा समेत अन्य जरूरी मामलों में द्विपक्षीय संबंधों को लेकर व्यापक समीक्षा की है. यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत का मध्य एशियाई देश अजरबैजान के साथ व्यापार जनवरी से सितंबर के बीच करीब एक अरब डॉलर पर पहुंच गया है. इस दौरान ये भी सामने आया कि भारत में कच्चे तेल के आपूर्तिकर्ता के तौर पर अजरबैजान का स्थान बेहद महत्वपूर्ण है.
एजेंसी के मुताबिक विदेश मंत्रालय के मुताबिक नई दिल्ली में भारत-अजरबैजान फॉरेन ऑफिस स्तर की पांचवे दौर की वार्ता हुई. वार्ता में ये सामने आया कि द्विपक्षीय व्यापार कई गुना बढ़ गया है. जो कि इस साल की शुरुआत यानी जनवरी से सितंबर के बीच लगभग एक बिलियन अमेरिकी डॉलर तक जा पहुंचा है.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि अजरबैजान भारत के लिए कच्चे तेल के महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है. वार्ता का नेतृत्व सचिव (वेस्ट) संजय वर्मा ने अज़रबैजान के उप विदेश मंत्री एलनूर मामादोव के साथ किया.
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रूप से व्यापार, वाणिज्य और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को सफलतापूर्वक विविधता प्रदान की है. लगभग 1,400 भारतीय अजरबैजान में रह रहे हैं, जो देश से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है.
वार्ता के दौरान दोनों देशों ने क्षेत्रीय मुद्दों, संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय निकायों में सहयोग पर मंथन किया. दरअसल, इस साल भारत और अजरबैजान अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. भारत 1991 में अजरबैजान की स्वतंत्रता को मान्यता देने वाले पहले देशों में से एक था.
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