आज तक रेडियो पर 23 जून के सुबह के न्यूज़ एनालिसिस पॉडकास्ट में जिन ख़बरों बात होगी वो ख़बरें नीचे दी जा रही हैं. अमन गुप्ता ने एक्सपर्ट्स के साथ इन पर विस्तार से चर्चा की है. इसे सुनने के लिए यहां क्लिक करें या इस स्टोरी के आख़िर में भी लिंक दी गई हैं वहां जाकर भी आप इस न्यूज़ पॉडकास्ट तक पहुंच जाएंगे.
नए आईटी रूल्स को लेकर ट्विटर,फेसबुक, गूगल जैसे सोशल मीडिया प्लेट्फ़ार्मस् और सरकार के बीच बैठकों और वार्ताओं का सिलसिला जारी है, इसी कड़ी में कल नए ITरूल्स से संबंधित संसद की स्टैंडिंग कमिटी के सामने फेसबुक और गूगल इंडिया के प्रतिनिधि पेश हुए. जिसमें फेसबुक की ओर से शिवनाथ ठुकराल और नम्रता सिंह, वहीं गूगल इंडिया से अमन जैन और गीतांजलि दुग्गल शामिल हुईं. नए आईटी रूल्स के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में एक नोडल अधिकारी, शिकायत अधिकारी और अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा गया है. जिसको लेकर केंद्र सरकार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के बीच तनातनी चल रही है। हालाँकि गूगल और फेसबुक ने तो सरकारी नियमों के पालन की बात स्वीकारी भी है लेकिन ट्विटर का इस सम्बंध में सख्त रुख़ अब भी बना हुआ है, लिहाज़ा ट्विटर के ख़िलाफ़ कार्रवाईयों का, एफआईआर दर्ज़ होने का सिलसिला भी हर तरफ़ चल पड़ा है और इसकी वजह है उसका इन्टरमीडियरी स्टेटस छीन जाना, बहरहाल, पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमिटी जो बैठक हुई कल, उसका एजेंडा क्या था ? कमिटी के कन्सर्न क्या थे और फेसबुक / गूगल की उस पर क्या प्रतिक्रिया रही ? ट्विटर का इस पर किस तरह की प्रतिक्रिया है, वो क्यों आनाकानी कर रहा है?
फरवरी 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू किया गया था. जिसका उद्देशअय प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हुई फसलों को मुआवजा देना है. मगर सरकारी बदइंतजामी ने इसे किसानों पर बोझ बना दिया है. किसानों के खाते से पैसे दो बार जाते हैं मगर क्लेम की राशि नहीं मिलती है. राजस्थान से आजतक रेडियो के रिपोर्टर शरत कुमार ने कुछ किसानों और उनके परिवारों से बात की है. मसलन, जयपुर ज़िले के लसाड़िया पंचायत के गणेश गुर्जर के दो चाचा और दादी की मौत हो गई है. तीनों के हिस्से 6-6 बीघा की ज़मीन है।एक चाचा के ढाई हज़ार, दूसरे के पंद्रह सौ और दादी के ग्यारह सौ बीमा प्रीमियम कटा है. इसमें एक हेक्टेयर खेत का नौ सौ रूपए फसल बीमा योजना का, जीवनबीमा के तहत बीमा का राशि की ढाई फ़ीसदी दुर्घटना बीमा का, और डेढ़ फ़ीसदी राशि जिवन सुरक्षाबीमा का शामिल है. मगर बार-बार बैंकों की चक्कर लगाने के बाद भी जीवन बीमा का क्लेम नहीं मिल रहा है. वहीं सेजल चौधरी के भाई की मौत अक्टूबर 2020 में हुई थी. प्रीमियम की राशि हज़ार रूपए जमा करने के बावजूद क्लेम आज तक नहीं मिला. मैंने राजस्थान कवर करने वाले आजतक रेडियो रिपोर्टर शरत कुमार से बात की जिन्होंने इस स्टोरी पर ग्राउंड रिपोर्ट की है. उनसे सबसे पहले तो यही पूछा की किसानों को ये बीमा योजना क्लेम करने के बावजूद भी क्यों नहीं मिल पा रहा है? क्या दिक्कतें आ रही हैं?
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रध्यक्ष रहे जैकब जुमा की जिनका विवादों से पुराना नाता रहा है, 2005 में उनपर बलात्कार का आरोप लगा था, लेकिन वे बरी कर दिए गए, भ्रष्टाचार की बातें तो ख़ैर क्या ही कहें. कल इन्ही से जुड़ी एक ख़बर आयी जिसमें पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा को 15 महीने कै़द की सजा सुनाई गयी है, ये फै़सला सुनाया है देश की सर्वोच्च अदालत ने। अगर उनके कार्यकाल को भी आप देखेंगे तो पहले भी बहुत कुछ ऐसा रहा है, ख़ासकर भ्रष्टाचार और उनके बयानों के इर्द-गिर्द जो किसी भी देश के प्रथम नागरिक के पद के लिहाज़ से अशोभनीय है. इसी वजह से उनको अपने कार्यकाल के बीच में ही अपने पद से इस्तीफ़ा तक देना पड़ा था। बहरहाल, जैकब जुमा पर हालिया कार्रवाई क्यों हुई? और अब आगे की प्रक्रिया क्या होगी? और इस विवाद का उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले से क्या कनेक्शन है?
और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया को लेकर इन दिनों बाग़पत में हलचल ज्यादा है. यहां RLD महिला प्रत्याशी के नामांकन ही कोई महिला वापस ले गई. तो ये हुआ कैसे? इन सब ख़बरों पर विस्तार से बात के अलावा हेडलाइंस और आज के दिन की इतिहास में अहमियत सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.
30 जून 2021 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें...