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आज का दिन: दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने RSS और मोहन भागवत का जिक्र क्यों किया?

उद्धव ने अपने भाषण में संघ और मोहन भागवत का नाम क्यों लिया? कैमिस्ट्री की जिस खोज के लिए मिला नोबेल वो मानव जाति के लिए क्यों अहम है? क्या है एलन मस्क का वो सुपर प्रोजेक्ट जिसके लिए वो ख़रीद रहे हैं ट्विटर?, सुनिए 'आज का दिन' में अमन गुप्ता के साथ.

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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (फाइल फोटो)

आजतक रेडियो पर हम रोज लाते हैं, देश का पहला मॉर्निंग न्यूज़ पॉडकास्ट ‘आज का दिन’ जहां आप हर सुबह अपने काम की शुरुआत करते हुए सुन सकते हैं आपके काम की खबरें और उन पर क्विक एनालिसिस. साथ ही, सुबह के अखबारों की सुर्खियां और आज की तारीख में जो घटा, उसका हिसाब-किताब. जानिए, आज के एपिसोड में हमारे पॉडकास्टर अमन गुप्ता किन खबरों पर बात कर रहे हैं?

उद्धव ठाकरे ने दशहरा रैली के भाषण में संघ और मोहन भागवत का नाम क्यों लिया?

जून महीने की बात है. एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे से बग़ावत करके शिवसेना के 40 से ज़्यादा विधायकों को तोड़ लिया और बीजेपी के सहयोग से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए. इस घटना के बाद से ये सवाल उठ खड़ा हुआ कि असली शिवसेना कौन है, वो जो उद्धव का खेमा है या वो जो शिंदे के साथ है. वैसे दोनों ही नेता शिवसेना की विरासत पर अपना दावा ठोक रहे हैं और इस मामले को लेकर दोनों सुप्रीम कोर्ट से लेकर चुनाव आयोग का चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन एक फैसला जनता की अदालत में भी होनी है. इसलिए  उद्धव और एकनाथ शिंदे शिवसेना पर अपना हक़ जताने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रहे. कल दशहरे के मौके पर मुंबई के अलग-अलग मैदानों में शिवसेना के दोनों धड़ों की रैलियां हुईं. शिवसेना बाला साहब ठाकरे के ज़माने से हर साल दादर के शिवाजी पार्क में दशहरा रैली का आयोजन करती आई है. हालाँकि पिछले दो साल से कोरोना महामारी के चलते यह रैली नहीं हो पाई थी. इस बार हुई तो दो अलग अलग जगहों पर. उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दादर के शिवाजी पार्क में तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट ने बांद्रा कुर्ला काम्प्लेक्स मैदान में इस रैली का आयोजन किया. उद्धव ठाकरे ने सीएम एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा तो शिंदे ने भी पलटवार किया.

उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को गद्दार कहते हुए कहा कि इस विशाल भीड़ को देखकर गद्दारों को डर लग रहा होगा. उन्होंने कहा कि इस साल का रावण अलग है...रावण के दस सिर हुआ करते थे, लेकिन इस रावण के 50 सिर हैं. उनका इशारा पाला बदलने के लिए विधायकों को कथित तौर पर दिए गए  50 करोड़ रुपए की तरफ था. इतना ही नहीं, उद्धव की रैली में पचास खोखे वाले रावण के पुतले को भी आग लगाई गई. उधर एकनाथ शिंदे ने 51 फुट लंबी विशेष तलवार की शस्त्र पूजा की और उद्धव ठाकरे को जवाब देते हुए कहा कि जो उन्होंने किया वो गद्दारी नहीं है बल्कि गदर है. तो इस रेगुलर बयानबाज़ी के अलावा दोनों के भाषणों की बड़ी बातें क्या रहीं? उनके भाषण में RSS और इसके प्रमुख मोहन भागवत का ज़िक्र आया. उनका नाम लेकर क्या संदेश देने की कोशिश की गई?

कैमिस्ट्री की किस खोज के लिए मिला नोबेल?

फिजिक्स, केमिस्ट्री से लेकर मेडिसिन, लिटरेचर, इकोनॉमिक्स और पीस के लिए इस साल नोबेल पुरस्कार किन लोगों को दिए जाएंगे, इसकी घोषणा शुरू हो चुकी है की. 2022 के लिए मेडिसिन और फिजिक्स के बाद कल केमिस्ट्री के नोबेल प्राइज भी अनाउंस कर दिए गए. केमिस्ट्री का नोबेल इस बार तीन लोगों को दिया गया है. ये हैं अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी कैरोलिन आर. बर्टोजी, डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के मॉर्टेन मेल्डल और अमेरिका की ला जोला स्थित स्क्रिप्स रिसर्च के वैज्ञानिक के. बैरी शार्पलेस. इन्हें यह अवॉर्ड क्लिक केमिस्ट्री और बायोऑर्थोगोनल केमिस्ट्री के लिए दिया गया है. तो केमिस्ट्री की ये तकनीक आख़िर है क्या? हमारे किस काम आएगी, हमारे जीवन पर क्या फर्क पड़ेगा इससे?

क्या है एलन मस्क का सुपर प्रोजेक्ट जिसके लिए हो रही ट्विटर डील?

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलॉन मस्क सोशल मीडिया पर माहौल बनाकर रखते हैं. परसों यूक्रेन को युद्ध रोकने के लिए न्यूट्रल रहने की सलाह देकर उन्होंने अपनी किरकिरी करवा ली थी. कल ट्विटर डील पर एक बार फिर यू टर्न लेने के चलते फिर से सुर्ख़ियों में थे. मस्क ने कहा वो ट्विटर को खरीदने के लिए तैयार हो गए हैं. उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि, 'ट्विटर को खरीदना X नामक एवरीथिंग ऐप बनाने की ओर एक कदम है.' आपको याद होगा कि अप्रैल के महीने में एलॉन मस्क ने ट्विटर के साथ डील फाइनल  की थी, जिसमें उन्होंने 43 अरब डॉलर में ट्विटर खरीदने का ऑफर दिया था. हालांकि, बाद में मस्क ने कहा कि स्पैम अकाउंट की सही जानकारी नहीं होने के कारण वह इस डील को कैंसिल कर रहे हैं. जिसके बाद ट्विटर कोर्ट पहुंच गया था और अब मस्क ने अपना फैसला बदलकर वापस इस डील को क्लोज करना चाहते हैं. तो दोनों पार्टियों के बीच बिगड़ते बिगड़ते ये बात बनी कैसे?

6 अक्टूबर 2022 का 'आज का दिन' सुनने के लिए यहां क्लिक करें...

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