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खालिस्तान समर्थक सांसद सिमरनजीत सिंह जम्मू जाने पर अड़े, दूसरे दिन भी कठुआ बॉर्डर पर नारेबाजी की

पंजाब के संगरूर से लोकसभा सांसद सिमरनजीत सिंह मान दो दिन से पंजाब-जम्मू और कश्मीर सीमा में प्रवेश को लेकर अड़े हुए हैं. मंगलवार को भी उन्होंने अपने समर्थनकों के साथ जमकर हंगामा किया. हालांकि जिला प्रशासन ने उन्हें कठुआ जिले के लखनपुर में रोक रखा है. वह खालिस्तान समर्थक नेता हैं. उनके जम्मू-कश्मीर में आने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने का डर बना हुआ है.

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सिमरनजीत सिंह मान कठुआ जिले के लखनपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे
सिमरनजीत सिंह मान कठुआ जिले के लखनपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे

खालिस्तान समर्थक नेता और पंजाब के संगरूर से लोकसभा सांसद सिमरनजीत सिंह मान मंगलवार को भी कठुआ जिले के लखनपुर में जम्मू-कश्मीर-पंजाब सीमा पर डेरा डाले हुए हैं. वह जम्मू-कश्मीर में प्रवेश की मांग को लेकर अड़े हुए हैं, लेकिन कठुआ प्रशासन के अधिकारी उन्हें प्रवेश नहीं दे रहे हैं. इस दौरान सांसद के समर्थकों ने 'खालिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए.

दरअसल सोमवार को सांसद मान के काफिले को लखनपुर में रोक लिया गया था. वह किसी कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे. इसे जम्मू-कश्मीर का प्रवेश द्वार माना जाता है. मान को रोकने के बाद उनके समर्थकों ने कल भी उग्र प्रदर्शन किया था. पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी की थी. 

लखनुपर में लागू है धारा 144

कठुआ के स्थानीय अधिकारियों ने लखनपुर में धारा 144 लागू कर दी है. अधिकारियों को लगता है कि सिमरनजीत सिंह मान की मौजूदगी जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को खतरे में डाल सकती है. कल जब सांसद को रोक दिया गया था. सिमरनजीत सिंह मान को रोकने के लिए लखनपुर में जम्मू-कश्मीर-पंजाब बॉर्डर पर पुलिस कर्मियों की भारी तैनाती की गई थी.

इसके बाद उन्होंने कहा था कि क्या जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है? 2019 से जम्मू-कश्मीर के लोगों को परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने आग कहा कि ऐसा लगता है कि भारत हिंदू राष्ट्र बन गया है.

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17 अक्टूबर से ही कठुआ बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं संगरूर सांसद

पहले भी विवादों में रहे हैं मान

संगरूर सांसद सिमरनजीत सिंह मान पहले भी विवादों में रहे हैं. कुछ दिनों पहले मान ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह को 'आतंकवादी' कह दिया था. मान ने इसके पीछे वजह भी बताई थी. दरअसल, करनाल में मान से पूछा गया था कि उन्होंने अतीत में भगत सिंह को 'आतंकवादी' क्यों कहा था, जबकि वह तो देश के लिए शहीद हुए थे.

भगत सिंह को कहा था आतंकवादी

मान ने कहा था क‍ि सरदार भगत सिंह ने एक युवा अंग्रेज अधिकारी को मारा था, उन्होंने एक अमृतधारी सिख कॉन्स्टेबली चन्नन सिंह की हत्या की थी. उन्होंने उस समय नेशनल असेम्बली में बम फोड़ा था. अब आप मुझे बताइये कि भगत सिंह आतंकवादी थे या नहीं.

पंजाब सरकार के मंत्री गुरमीत सिंह मीत हायर ने मान से बिना शर्त माफी मांगने को कहा था. उच्च शिक्षा और भाषा मंत्री ने कहा कि भगत सिंह ने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था, इसलिए पंजाब की भगवंत मान सरकार उन्हें शहीद का दर्जा देगी.

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