नूंह की एक अदालत ने सिकरावा गांव में अपने साले की हत्या के जुर्म में 32 वर्षीय एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा ने दोषी पर 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. एक एजेंसी के मुताबिक नवंबर 2008 में पैसों के विवाद में सूरज को उसके साले सतपाल ने गोली मार दी थी.
गोली लगने से गंभीर हालत में सूरज को अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. नूंह पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि उसके पिता ने 4 नवंबर को अपनी शिकायत में दावा किया था कि सूरज की हत्या सतपाल और उसके भाइयों कल्लू और रिंकू ने की है.
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जिसके बाद मामले में पिनगवां पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आगे की जांच में सतपाल को गिरफ्तार किया गया. साथ ही पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई एक देसी पिस्तौल भी बरामद कर ली. इसे अलावा हत्या में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल, घटनास्थल से खून से सने कपड़े व खाली कारतूस भी बरामद किया था.
हालांकि, कल्लू और रिंकू को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया. नूंह के डीएसपी हरिंदर कुमार ने बताया, "नूंह पुलिस द्वारा जुटाए गए सबूतों और अदालत में अभियोजन पक्ष की मज़बूत दलीलों से सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर यह साबित हो गया कि सतपाल ने ही हत्या की थी. अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाकर मामले का निपटारा कर दिया."