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Bageshwar Dham: कैसे पता चलता है कि किसी के मन में क्या है? माइंड रीडर ने दिखाया Live मैजिक

बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. तर्क-विज्ञान की कसौटी पर 'बाबा' के 'चमत्कारों' को परखने की कोशिश की जा रही है. क्या बाबा के पास कोई चमत्कारिक शक्ति है? कैसे कोई किसी के मन की बात जान लेता है? इस सवालों को लेकर मनोचिकित्सक और माइंड रीडर से बात की गई. साथ ही माइंड रीडर ने सबके सामने मैजिक ट्रिक कर हैरान कर दिया.

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मनोचिकित्सक डॉक्टर संदीप वोहरा और माइंड रीडर सुहानी.
मनोचिकित्सक डॉक्टर संदीप वोहरा और माइंड रीडर सुहानी.

बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री अचानक सुर्खियों में आ गए हैं. लोग दावा करते हैं कि धीरेंद्र शास्त्री उनके मन की बात जान लेते हैं. धीरेंद्र शास्त्री भक्तों के नाम की पर्ची भी निकाल लेते हैं. बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के चमत्कार पर सवाल उठ रहे हैं. तर्क-विज्ञान की कसौटी पर बाबा के चमत्कारों को परखा जा रहा है. आखिर बाबा के मन में क्या चलता है? इन्हीं सवालों के बीच माइंड रीडर सुहानी शाह ने कई सवालों के जवाब दिए. सुहानी ने लाइव शो में ऐसा कुछ करके भी दिखाया, जो सबको हैरान करने वाला था. सुहानी ने एंकर के मन की बात लिखकर बता दी.

माइंड रीडर सुहानी शाह ने कहा, "जादू एक खूबसूरत कला है, जैसे डांसिंग और पेंटिंग है. अगर हम ये बता दें कि ये जो करके दुनिया को दिखाया जा रहा है, वो कैसे होता है, तो एक तरह से यह हम दुनिया के तमाम जादूगरों के साथ नाइंसाफी करेंगे. हम ऐसा करके एक तरह से सभी जादूगरों की कला को ही खत्म कर देंगे. मैं भी आपको वैसा ही जादू करके दिखा सकती हूं, लेकिन ये नहीं बता सकती कि मैंने उसे कैसे किया, क्योंकि ऐसा करना कला को खत्म करने जैसा होगा."

सुहानी ने आजतक की एंकर श्वेता सिंह के सामने कहा कि आप कोई भी सवाल अपने मन में सोचिए. मैं आपको तुरंत बता दूंगी कि आपने क्या सोचा. उन्होंने एंकर श्वेता सिंह से कहा कि आप अपने किसी भी बचपन के दोस्त के बारे में मन में सोचिए. मैं आपको बता दूंगी कि आप किस दोस्त के बारे में सोच रही हैं.

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इसके बाद सुहानी ने श्वेता से कहा कि आप अपनी आंखें बंद कर लें और उस दोस्त के नाम के अल्फाबेट अपने मन में सोचें. आप मन में उस दोस्त का नाम जोर से लें. 

इस दौरान सुहानी ने एक बोर्ड में पीछे की तरफ उस दोस्त का नाम लिखा. इसके बाद एंकर श्वेता को उन्होंने टीवी पर सबके सामने उस दोस्त का नाम बताने को कहा. तब तक सुहानी बोर्ड पर नाम लिख चुकी थीं.

जैसे ही श्वेता ने वो नाम टीवी पर सबके सामने बताया. सुहानी ने बोर्ड को पलटा तो उसमें भी उसी दोस्त का नाम लिखा हुआ था. वो नाम था 'दिव्या'. 

एंकर श्वेता ने टेलीविजन पर सबके सामने बताया कि ये उनकी बहुत पुरानी दोस्त का नाम है, जिससे वो काफी समय से संपर्क में भी नहीं हैं.

सुहानी ने जैसे ही उन्हें वो नाम बताया. श्वेता एकदम हैरान रह गईं. सुहानी ने कहा कि वो इसे चमत्कार नहीं कला कहेंगी. ये चमत्कार नहीं है. उन्होंने ये भी बताया कि ये एक ट्रिक होती है. इसके पीछे बहुत बड़ी स्टडी होती है.

मनोचिकित्सक बोले- बड़ी मुसीबतें सिर्फ भरोसा करने से खत्म नहीं होतीं

उधर, मनोचिकित्सक डॉक्टर संदीप वोहरा ने बताया कि अगर आप किसी पर भरोसा करते हैं तो उसका एक लेवल होना चाहिए, क्योंकि बड़ी मुसीबतें किसी पर सिर्फ भरोसा करने से खत्म नहीं होतीं. उन्हें साइंटिफिक तरीके से हैंडल करना ही पड़ता है. उन्होंने बताया हमारे पास कई ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें बाबा लोग खुद हमारे पास रेफर करते हैं. वो उन्हें कहते हैं कि हमने तो कोशिश कर ली. अब आप साइंटिफिकली भी जाकर डॉक्टर से इलाज करवाओ.

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डॉक्टर वोहरा ने कहा, ''इसलिए मैं लोगों से बस यही सलाह देना चाहता हूं कि उन्हें बहकावे में नहीं आना चाहिए. साइंटिफिकली उन्हें अपनी समस्या का समाधान करना चाहिए. लोगों को यह समझने की बहुत जरूरत है कि विश्वास और अंधविश्वास में काफी फर्क होता है. लोगों को यह समझकर आगे का कदम उठाना चाहिए कि मेरे लिए सही क्या है और गलत क्या है.''

बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री.
बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री.

अंधश्रद्धा उन्मूलन समित ने किया था पोल खोल सभा का आयोजन
बता दें कि नागपुर में अंधश्रद्धा उन्मूलन समित ने बुधवार को बागेश्वर महाराज (Bageshwar Maharaj) के खिलाफ पोल खोल सभा का आयोजन किया था. इस दौरान बागेश्वर महाराज के समर्थकों ने भारी हंगामा किया था. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह सनातन के खिलाफ आवाज उठाने वालों की ठठरी वारने (जलाने) की बात कहते हुए नजर आए थे.

नागपुर में अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति के श्याम मानव का भाषण समाप्त होने के बाद बागेश्वर धाम महाराज के कुछ समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की था. इस दौरान काफी हंगामा खड़ा हो गया था. हालात को काबू करने के लिए पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को तितर-बितर किया था.

हाल ही में महाराष्ट्र के नागपुर में एक कथा का आयोजन हुआ था. दावा है कि अंधश्रद्धा उन्मूलन समित की वजह से यह कथा दो दिन पहले ही यानी 11 जनवरी को संपन्न हो गई, जबकि इसकी अंतिम तिथि 13 जनवरी थी. अंधश्रद्धा उन्मूलन समिति ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर जादू-टोने और अंधश्रद्धा फ़ैलाने का आरोप लगाया था.

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समिति के श्याम मानव ने कहा था कि ''दिव्य दरबार' और 'प्रेत दरबार' की आड़ में जादू-टोना को बढ़ावा दिया जा रहा है. देव-धर्म के नाम पर आम लोगों को लूटने, धोखाधड़ी और शोषण भी किया जा रहा है.'' समिति ने पुलिस से महाराज पर कार्रवाई करने की मांग भी की थी.

 

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