बिहार के दरभंगा में प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर में बलि प्रथा के रोक पर विवाद बढ़ता जा रहा है. बिहार राज्य धार्मिक न्यास द्वारा मां श्यामा परिसर में बलि (भेंट) प्रथा पर रोक लगाने के बाद से इसका विरोध भी होने लगा है. रविवार को बलि प्रथा बंद के समर्थन में भी कुछ लोगों ने मंदिर परिसर में प्रदर्शन किया. बलि प्रथा के समर्थक और विरोधी आपस में मंदिर परिसर में भीड़ गए.
दरअसल, बिहार धार्मिक न्यास ने पशु क्रूरता अधिनियम का हवाला देते हुए दरभंगा के प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर में बलि प्रथा को बंद करने का आदेश दिया है. आदेश की कॉपी सामने आते ही एक पक्ष इसे सनातन धर्म और पुराणी पारंपरिक पूजा पद्धति के खिलाफ आदेश को बताकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. बलि प्रथा के समर्थन में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग भी कूद गए.
बलि प्रथा के समर्थन में सामने आए लोग
पिछले तीन-चार दिनों से लगातार लोग बलि प्रथा के समर्थन में खुलकर सामने आए और बिहार धार्मिक न्यास के अध्यक्ष अखिलेश जैन के खिलाफ हल्ला बोला. रोजाना उनके खिलाफ न सिर्फ प्रदर्शन किए जा रहे हैं, बल्कि उनका पुतला भी दहन कर बलि प्रथा को बहाल करने की मांग पर अड़े हैं. वहीं, एक पक्ष दबी जुबान बलि प्रथा बंद होने का समर्थन भी कर रहे हैं.
बलि प्रथा के समर्थक और विरोधी आपस में भीड़े
रविवार को बलि प्रथा बंद होने का समर्थन करते कुछ लोग हाथो में बैनर पोस्टर लेकर मंदिर परिसर में प्रदर्शन करने पहुंच गए. इसी बीच बलि प्रथा के समर्थक भी अपना विरोध प्रदर्शन करने पहुंच गए. मंदिर परिसर में ही बलि प्रथा के समर्थक और विरोधी आपस में भीड़ गए. बलि प्रथा के समर्थको ने विरोधी के बैनर फाड़कर मंदिर परिसर से धक्के मार भगाने लगे.
मंदिर परिसर में बलि प्रदान करने की चेतावनी
बलि प्रथा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले गोपाल मिश्रा ने बताया कि बिहार धार्मिक न्यास अधर्मी हो गया है. सनातन धर्म को समाप्त करने पर लगा है. हम सनातनी उनके इस फैसले का एकजुट होकर विरोध करते हैं. अगर, न्यास समिति अपने फैसले को नहीं बदलती है, तो ऐसी स्थिति में 25 दिसंबर को हजारों सनातनी गोलबंद होकर मंदिर परिसर में सैकड़ो की संख्या में बलि प्रदान करेंगे.