संजय कुमार को पर्यटन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है. बिहार में अब तक 52 हजार कोरोना वायरस टेस्ट कराए जा चुके हैं. कोविड-19 की जांच के लिए 14 सेंटर बनाए गए हैं. हर दिन करीब 2000 टेस्ट किए जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि हर दिन 10 हजार टेस्ट किए जाएं. बिहार में प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से अब लौट रहे हैं. अगर ऐसी ही जांच होती रही तो महीनों निकल जाएंगे. माना जा रहा है कि इसी वजह से उनका तबादला किया गया है.
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स्वास्थ्य मंत्री के साथ नहीं था सामंजस्य!
ऐसी भी खबरें सामने आ रही हैं कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और स्वास्थ्य प्रधान सचिव में तालमेल की कमी थी. हाल में इसका उदाहरण तब दिखा जब कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा मंगल पांडेय और संजय कुमार दोनों की ओर से जारी किया जाने लगा था. दोनों लोगों की ओर से जारी किए जा रहे आंकड़ों में समानता नहीं दिख रही थी.
स्वास्थ्य मंत्री भी जारी कर रहे थे आंकड़े
दरअसल आंकड़े संजय कुमार की ओर से ही जारी किए जा रहे थे, लेकिन अचानक से मंगल पांडेय भी एक्टिव हो गए. ट्विटर पर नए पॉजिटिव मामलों की जानकारी देने लगे. मंगल पांडेय के बाद स्वास्थ्य प्रधान सचिव संजय कुमार भी सूची जारी कर रहे थे. दोनों के आंकड़ों में काफी अंतर होता था.
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सोशल मीडिया पर प्रधान सचिव और मंत्री के बीच आंकड़ों को सार्वजनिक करने को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी थीं. संजय कुमार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं. दोनों में कई मुद्दों को लेकर सहमति नहीं थी, ऐसे में अब कहा जा रहा है कि यह तबादला होना ही था.