
How Drunk Are You Without Sleep: नींद हमारे शरीर के लिए काफी जरूरी है क्योंकि अगले दिन आपकी फिजिकल और मेंटल फंक्शनिंग, बीमारियों से लड़ने और इम्यूनिटी को बढ़ाने की क्षमता को प्रभावित करती है. अच्छी नींद हमारी मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी है क्योंकि एक रात की नींद की कमी अगले दिन के मूड को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है. लेकिन कई लोग नींद को उतनी अहमियत नहीं देते और काफी कम सोते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो लोग अगर पर्याप्त नींद (रोजाना या कभी-कभी) नहीं लेते हैं तो उनकी प्रोडक्टिविटी उतनी ही कम हो जाती है जितनी बीयर पीने के बाद हो जाती है. आइए आज हम आपको बताते हैं कि कम नींद से आपके शरीर पर क्या गलत असर हो सकता है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑक्यूपेशनल सेफ्टी एंड हेल्थ के अनुसार, नींद की कमी का असर शरीर पर वैसे ही होता है जैसे शराब के नशे का होता है. भारत में यदि किसी का ब्लड अल्कोहल कंटेंट (BAC) 0.03% से ज्यादा है, तो उसे नशे की स्थिति में माना जाता है. रिसर्च बताती है कि अगर कोई व्यक्ति लगातार 17 घंटे जागा रहता है तो उसका असर 0.05% BAC के बराबर होता है, यानी उतना ही जितना एक बीयर पीने के बाद होता है. वहीं, 24 घंटे जागे रहने पर यह स्तर 0.10% BAC तक पहुंच जाता है, जो लगभग 3-4 बीयर पीने जैसा असर डालता है.
अगर कोई व्यक्ति लगातार 4 रात सिर्फ 5-5 घंटे ही सोता है, तो उसकी प्रोडक्टिविटी उतनी घट जाती है जितनी 1-2 बीयर पीने पर घटती है. इसी तरह अगर कोई 10 दिनों तक हर रात सिर्फ 6 घंटे सोता है तो उसकी स्थिति वैसे ही हो जाती है जैसे कोई व्यक्ति लगातार 24 घंटे जागा हो.
यानी, नींद पूरी न लेना दिमाग और शरीर को उतना ही कमजोर कर देता है जितना शराब पीने से होता है. New Mexico Tech के मुताबिक, 10 दिनों तक रात में 6 घंटे सोने से लगातार 24 घंटे जागने वाले व्यक्ति की प्रोडक्टिविटी के बराबर ही कमी आएगी.
वैसे तो कहा जाता है कि सभी को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेना ही चाहिए लेकिन कुछ स्थितियों में अधिक नींद की भी जरूरत होती है. अब आपको आपकी उम्र के मुताबिक, कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए, इस बारे में जान लीजिए.
| उम्र | कम से कम नींद | अधिकतम नींद |
| 0-3 महीने | 14 घंटे | 17 घंटे |
| 4-11 महीने | 12 घंटे | 15 घंटे |
| 1-2 साल | 11 घंटे | 14 घंटे |
| 3-5 साल | 10 घंटे | 13 घंटे |
| 6-13 साल | 9 घंटे | 11 घंटे |
| 14-17 साल | 8 घंटे | 10 घंटे |
| 18-64 साल | 7 घंटे | 9 घंटे |
| 65 साल से अधिक | 7 घंटे | 8 घंटे |
इस बात के प्रमाण मौजूद हैं कि सोने से ठीक पहले स्क्रीन का इस्तेमाल नींद पर असर डाल सकता है. एक कारण यह है कि इन इक्युपमेंट्स से निकलने वाली नीली रोशनी मेलाटोनिन के स्राव को प्रभावित कर सकती है. मेलाटोनिन वह हार्मोन है जो शरीर को यह संकेत देता है कि सोने का समय हो गया है. अन्य कारणों में स्क्रीन पर दिखाई देने वाली चीजें भी शामिल है. अगर आप कोई डरावनी फिल्म देखते हैं, कोई भावनात्मक आर्टिकल पढ़ते हैं या स्क्रीन पर कोई अन्य चिंताजनक चीजें देखते हैं तो यह आपकी नींद आने को प्रभावित कर सकता है. स्लीप एक्सपर्ट सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी स्क्रीन बंद कर देने और इसके बजाय कुछ हल्का-फुल्का पढ़ने या सॉफ्ट म्यूजिक सुनने की सलाह देते हैं.
यंगस्टर्स को हर रात लगभग 8-10 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है, लेकिन उनमें से अधिकांश को इतनी नींद नहीं मिल पाती. उदाहरण के लिए, हाल के अनुमान बताते हैं कि 60 प्रतिशत मिडिल स्कूल के छात्र और 70 प्रतिशत हाई स्कूल के छात्र स्कूल की रातों में पर्याप्त नींद नहीं ले पाते. मिशिगन के हाई स्कूल के छात्रों के लिए यह आंकड़ा और भी ज़्यादा है, जहां यह 80 प्रतिशत है. यंगस्टर्स के नींद से इतनी वंचित रहने का एक मुख्य कारण यह है कि उनके मस्तिष्क में होने वाले बायोलॉजिकल चैंजेज उन्हें नींद आने के समय को प्रभावित करते हैं. इसलिए भले ही वे नींद से वंचित हों, वे अक्सर जल्दी सो नहीं पाते क्योंकि उनका मस्तिष्क अभी सोने के लिए तैयार नहीं होता.
हालांकि शराब व्यक्ति को जल्दी सोने में मदद कर सकती है, लेकिन यह नींद की गुणवत्ता में बाधा डालती है जिससे अक्सर नींद खराब हो जाती है सोने से कई घंटे पहले तक शराब ना पीने की सलाह दी जाती है ताकि शराब पूरी तरह से शरीर से बाहर निकल जाए.