कभी ऐसा हुआ है कि आपको किसी समान की जरूरत नहीं है फिर भी आपके मन में उसे चोरी करने का ख्याल आता है. दरअसल, यह एक मानसिक समस्या है, जिसे क्लेप्टोमेनिया कहा जाता है. इस मेंटल हेल्थ प्रोब्लम से पीड़ित व्यक्ति चीजों को चुराने का प्रयास करता है, भले ही उसे उन चीजों की आवश्यकता ना हो. मनोचिकित्सकों के अनुसार, यह एक दुर्लभ मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या है, जिसका इलाज किसी दवा द्वारा नहीं किया जा सकता है.
क्लेपटोमानिया क्या है?
क्लेप्टोमेनिया से पीड़ित लोगों द्वारा चुराई गई वस्तुओं का आमतौर पर बहुत कम मूल्य होता है और उन्हें आसानी से खरीदा जा सकता है. इस मनोरोग का शिकार व्यक्ति अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाता और अनावश्यक चीजों की चोरी करता है. ऐसे कई लोग होते हैं, जो अगर किसी होटल में ठहरते हैं तो वहां मौजूद छोटी-मोटी चीजें चुरा लाते हैं. दरअसल, ये लक्षण क्लेप्टोमेनिया के ही हैं. डॉक्टर्स के मुताबिक, क्लेप्टोमेनिया को कई लोग ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) से जोड़ते हैं, लेकिन दोनों में काफी अंतर होता है.
क्लेप्टोमेनिया के लक्षण
1. उन चीजों को चुराने की तीव्र इच्छा को ना रोक पाना, जिनकी आपको आवश्यकता भी नहीं है.
2. चोरी करने से पहले तनाव, चिंता या उत्तेजना महसूस होना.
3. चोरी करते समय खुशी, राहत या संतुष्टि महसूस करना.
4. चोरी करने के बाद अपराध बोध, शर्म या गिरफ्तार होने का डर महसूस करना.
क्लेप्टोमेनिया के कारण क्या हैं?
क्लेप्टोमेनिया का कोई सही कारण नहीं हैं, लेकिन माना जाता है कि यह सेरोटोनिन की समस्याओं जैसे कुछ कारकों से जुड़ा हुआ है. सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो मूड और भावनाओं को नियंत्रित करने में मदद करता है. जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंसेस इन रूरल प्रैक्टिस में प्रकाशित 2014 के एक अध्ययन के अनुसार, क्लेप्टोमेनिया अक्सर उन मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों में पाया जाता है, जिन्हें नशे की लत और डिप्रेशन होता है.
क्लेप्टोमेनिया से कैसे करें बचाव?
क्लेप्टोमेनिया का इलाज किसी दवाई से नहीं किया जा सकता. इस मेंटल हेल्थ प्रोब्लम का उपचार करने के लिए मनोचिकित्सक मरीज के व्यवहार का मूल्यांकन करते हैं और उन्हें कुछ थेरेपी देते हैं, जो डिप्रेशन के दौरान दी जाती हैं. इसके अलावा डॉक्टर्स क्लेप्टोमेनिया से पीड़ित व्यक्ति को लत को रोकने वाली दवाईयां देते हैं ताकि उसके अंदर चोरी करने की इच्छा कम हो सके.