जाने-माने कवि कुमार विश्वास ने हाल ही में लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि आज के युवा अब नए साल पर आगरा के सफेद रंग के कब्रिस्तान को देखने की बजाय अयोध्या और वृंदावन जा रहे हैं. कुमार विश्वास के इस बयान को ताजमहल के ऊपर तंज के तौर पर देखा गया था.
अब विश्वास की इस टिप्पणी के जवाब में कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि इस साल के पहले दिन यानि 1 जनवरी, 2026 को करीब 65 लाख लोग ताजमहल देखने गए और इससे लाखों रुपये की कमाई हुई.
एक्स पर एक व्यक्ति ने लिखा, “नए साल के पहले दिन ताजमहल देखने गए 65 लाख लोग... इसी सफेद कब्रिस्तान ने कल एक दिन में 90 लाख रुपिया की कमाई कर दी, और कुमार विश्वास की..” इस पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है.
कैसे पता की सच्चाई?
65 लाख लोगों के एक दिन में ताजमहल देखने का मतलब ये हुआ कि आगरा शहर की कुल आबादी से 4 गुना लोग एक ही दिन वहां पहुंच गए. 2011 की जनगणना के मुताबिक आगरा शहर की आबादी करीब 16 लाख है. अगर ऐसा हुआ होता तो पूरा आगरा शहर ठप हो जाता और इसे लेकर तमाम खबरें छपी होतीं लेकिन हमें इससे संबंधित ऐसी कोई भी न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.
‘tajmahal.gov.in’ की वेबसाइट के मुताबिक यहां हर साल करीब 70 से 80 लाख पर्यटक आते हैं. ऐसे में 65 लाख लोगों का एक ही दिन यहां आना बेसिर-पैर की बात लगती है.
आगरा के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सुपरिटेंडेंट ने हमारे संवाददाता अरविंद शर्मा को बताया कि 1 जनवरी, 2026 को ताजमहल देखने कुल 42 हजार 363 पर्यटक पहुंचे थे. इसमें 15 साल तक के बच्चों के नंबर्स शामिल नहीं हैं क्योंकि उनकी एंट्री के लिए कोई टिकट नहीं लगता इसलिए उनकी गिनती नहीं हो सकी.
दैनिक जागरण की रिपोर्ट भी इसी बात की पुष्टि करती है. इस रिपोर्ट के मुताबिक नए साल के पहले दिन लगभग 65 हजार लोग ताजमहल देखने आगरा पहुंचे थे.

इसके अलावा वायरल दावे के साथ जिस तस्वीर का इस्तेमाल किया जा रहा है वो भी पुरानी है. कई पुरानी न्यूज रिपोर्ट्स में इसे देखा जा सकता है.
भारत में सबसे ज्यादा देखे जाने वालों स्मारकों में ताजमहल देश-विदेश के पर्यटकों की पसली पसंद बना हुआ है. साल 2024-25 में यहां लगभग 62.6 लाख घरेलू पर्यटक और 6.5 लाख विदेशी पर्यटक आए. वहीं घरेलू पर्यटकों के मामले में ओडिशा का कोणार्क सूर्य मंदिर दूसरे स्थान पर रहा. कुल मिलाकर साफ है कि इस साल के पहले दिन 65 लाख पर्यटकों के ताजमहल देखे जाने का दावा पूरी तरह से बेबुनियाद है.