सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसके जरिए दावा किया जा रहा है कि कुछ लोगों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के साथ मारपीट की है. वीडियो में सड़क पर बेकाबू भीड़ एक अधेड़ उम्र के आदमी को पीटते हुए नजर आ रही है. मारपीट में आदमी के कपड़े भी फट चुके हैं. वीडियो में कुछ पुलिसकर्मियों को भी देखा जा सकता है जो पिट रहे आदमी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं. को पोस्ट करते हुए लोग कह रहे हैं, "लो भाई बीजेपी सांसद हर्षवर्धन की पिटाई".
इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वीडियो के साथ किया जा रहा दावा गलत है. ये वीडियो अक्टूबर 2016 का है जब पश्चिम बंगाल के आसनसोल में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने एक लोकल बीजेपी नेता को कथित तौर पर पीटा था.
वायरल वीडियो को झूठे दावे के साथ पर हजारों लोग शेयर कर चुके हैं. वायरल वीडियो का आर्काइव देखा जा सकता है. वीडियो को इन-विड टूल से रिवर्स सर्च करने पर हमें न्यूज एजेंसी ANI का एक यूट्यूब वीडियो मिला. इस वीडियो में वायरल वीडियो का कुछ हिस्सा देखा जा सकता है. ANI के मुताबिक, 19 अक्टूबर 2016 को आसनसोल में केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो और उनके काफिले पर तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने हमला कर दिया था.
कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने हमें इस वीडियो को लेकर की एक रिपोर्ट् मिली. इस रिपोर्ट में घटना के बारे में पूरी जानकारी दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में लोग जिस व्यक्ति को पीट रहे हैं वो वरिष्ठ स्थानीय बीजेपी नेता सुब्रता मिश्रा हैं. दरअसल, बाबुल सुप्रियो पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री मलय घटक पर गौ तस्करी का आरोप लगाते हुए आसनसोल में विरोध करने वाले थे. इसी के चलते बाबुल और उनके समर्थकों पर मलय घटक के लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया. भीड़ ने सुब्रता मिश्रा को पकड़ लिया और उनके साथ काफी मार पीट की. झड़प में बाबुल सुप्रियो की छाती पर पत्थर भी लगा था.
TMC MIN Malay Ghatak's goons inflicted this injury on my 'chest'' with a solid brick thrown 'FROM A DISTANCE"-Cowards
— Babul Supriyo (@SuPriyoBabul)
यहां हमारी पड़ताल में साफ हो जाता है कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा झूठा है. वीडियो चार साल पुराना है और इसमें लोग जिस आदमी को पीटते हुए दिख रहे हैं, वे डॉ हर्षवर्धन नहीं हैं.