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जालौन: चुनावी मिशन पर निकले अखिलेश, रथ से उतरकर लिया फूलन देवी की मां का आशीर्वाद

अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा बुधवार को जालौन पहुंची. यहां उन्होंने जब फूलन देवी की मां मूला देवी को देखा तो उनके पास जाकर उनसे आशीर्वाद लिया. एक सपा नेता ने बताया कि फूलन देवी की मां ने अखिलेश को 2022 में जीत का आशीर्वाद दिया है.

अखिलेश यादव (फाइल फोटो-PTI) अखिलेश यादव (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फूलन देवी की मां से मिले अखिलेश
  • मां मूला के पैर छूकर लिया आशीर्वाद

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) की तैयारियों में जुट गए हैं. अखिलेश इस वक्त विजय रथ यात्रा (Vijay Rath Yatra) निकाल रहे हैं. इसी दौरान बुधवार को अखिलेश फूलन देवी (Phoolan Devi) की मां से मिलने पहुंचे. उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया. 

बुधवार को अखिलेश की रथ यात्रा जैसे ही जालौन पहुंची, उन्होंने वहां फूलन देवी की मां मूला देवी (Moola Devi) को देखा. इसके बाद अखिलेश रथ से उतरकर उनके पास पहुंचे और पैर छूकर आशीर्वाद लिया. 

फूलन देवी की मां का आशीर्वाद लेते अखिलेश का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. मूला देवी ने अखिलेश के कान में कुछ कहा भी. इस बारे में सपा के एक बड़े नेता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि उन्होंने 2022 में जीत का आशीर्वाद दिया है. 

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सपा संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने फूलन देवी पर दर्ज मुकदमे वापस ले लिए थे और उन्हें राजनीति में लेकर आए थे. फूलन देवी को 'बैंडिट क्वीन' के नाम से भी जाना जाता है.

फूलन देवी पहली बार 1996 में मिर्जापुर से लोकसभा सांसद बनीं और उसके बाद 1999 में दोबारा चुनी गईं. 2001 में दिल्ली स्थित आवास के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. फूलन देवी का जन्म 1963 में जालौन जिले के घुरा दा पुरवा गांव में हुआ था. समाजवादी पार्टी की पिछड़ा जाति विंग ने हाल ही में रायबरेली में उनकी प्रतिमा लगाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें इजाजत नहीं मिली.

फूलन देवी निषाद जाति से आती थीं. इसलिए समाजवादी पार्टी की इस कोशिश को राजनीतिक रंग से भी देखा जा रहा है क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले निषाद पार्टी ने गठबंधन तोड़ दिया था और सपा निषाद वोटों को साथ लेने की कोशिश कर रही है.

 

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