भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ. 1998 से 2004 तक जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में बीजेपी नीति राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन की सरकार बनी, उस समय लालकृष्ण आडवाणी गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री बने.
लाल कृष्ण आडवाणी दसवीं लोकसभा और चौदहवीं लोकसभा में विपक्ष के नेता भी रहे. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में एक आम स्वयं सेवक की तरह अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की. आडवाणी के नेतृत्व में बीजेपी ने राम जन्मभूमि आंदोलन खड़ा किया. अस्सी की शुरुआत में अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद ने बाबरी मस्जिद की जगह राम मंदिर बनाने को लेकर आंदोलन शुरू किया.
2014 के लोकसभा चुनावों के लिए मोदी को राष्ट्रीय चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद 10 जून 2013 को आडवाणी ने बीजेपी के कई अहम पदों से इस्तीफा दे दिया था. आडवाणी के मुताबिक बीजेपी अब 'वो आदर्शवादी पार्टी' नहीं रही जैसी श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, नानाजी देशमुख और अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाई थी.
हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया और आडवाणी ने भी अपना इस्तीफे वापस ले लिये. माना जा रहा है कि वे 2014 का लोकसभा चुनाव गांधीनगर से लड़ सकते हैं.