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PM मोदी ने मणिशंकर के बयान पर राहुल को घेरा, 84 दंगे पर भी बरसे

अय्यर के विवादित बयान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुजरात चुनाव के दौरान एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मुझे गाली दी. कांग्रेस ने अपना चेहरा बचाने के लिए उन्हें (अय्यर) पार्टी से निकाल दिया. उसी नेता ने एक दिन पहले मेरे खिलाफ वैसी ही भाषा का इस्तेमाल किया.

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चंडीगढ़ रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (टि्वटर)
चंडीगढ़ रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (टि्वटर)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ की एक जनसभा में मणिशंकर अय्यर के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को घेरा. कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के विवादित बयान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'गुजरात चुनाव के दौरान एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने मुझे गाली दी. कांग्रेस ने अपना चेहरा बचाने के लिए उन्हें (अय्यर) पार्टी से निकाल दिया. उसी नेता ने एक दिन पहले मेरे खिलाफ वैसी ही भाषा का इस्तेमाल किया. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस ने अतीत में उनके खिलाफ कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया. तभी वे बार बार एक ही भाषा बोलते रहते हैं.'

गौरतलब है कि मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को कहा था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने 'नीच आदमी' के बयान पर कायम हैं और उनकी यह बात 'भविष्यसूचक' साबित हुई है. उन्होंने कहा, 'मैं जो कुछ भी कहता हूं, उसका हमेशा दुरुपयोग किया जाता है, क्योंकि ऐसे लोग हैं जो मुझसे नफरत करते हैं. वे मुझसे नफरत करते हैं क्योंकि मैं सच कहता हूं. और, मैं सच कहता रहूंगा.'

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मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई. बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरना शुरू कर दिया है. केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने सोमवार को इस पर कड़ा एतराज जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ की रैली में यह मुद्दा उठाया और सीधा कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा, 'महामिलावटियों ने हमारी हर योजना को अपमानित करने की कोशिश की है. जब लाल किले से मैंने स्वच्छ भारत की बात कही तो इन्होंने मेरा मजाक उड़ाया. जब मैंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात की, तो उसको भी इन्होंने बदनाम करने की कोशिश की.'

प्रधानमंत्री ने और भी कई मुद्दों पर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा. जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'कांग्रेस और उसके दरबारियों का ये वही गैंग है, जो कहता था की भारत की जनता अनपढ़ है. ये लोग कहते थे कि भारत में तो बैंक नहीं हैं, ऐसे में डिजिटल लेनदेन कैसे संभव है? आज भारत डिजिटल पेमेंट्स का एक बहुत बड़ा डेस्टिनेशन है. 8 करोड़ फर्जी लोगों के नाम से जो बिचौलिए मालामाल होते थे, आए दिन मलाई खाते थे, इन सबकी दुकानें इस चौकीदार ने बंद कर दी हैं. अब आप ही बताइए ये बिचौलिए, मोदी के खिलाफ झूठ बोलेंगे कि नहीं? मोदी को बर्बाद करने की कोशिश करेंगे की नहीं?'    

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमारी सरकार का डीबीटी है- डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर महामिलावटी लोगों का डीबीटी है- डायरेक्ट बिचौलिया ट्रांसफर. महामिलावटियों को चिढ़ है कि एक चायवाला 21वीं सदी की, नेक्स्ट जेनरेशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कैसे कर सकता है. मोदी इंटरनेश्नल सोलर अलायंस, वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड के विजन की बात कैसे कर सकता है, इससे इनको चिढ़ है. मोदी वन नेशन, वन टैक्स के सपने को कैसे साकार कर सकता है, इससे इन्हें दिक्कत है. मोदी पूरे देश के लिए एक ही मोबिलिटी कार्ड यानी वन नेशन वन कार्ड कैसे लागू कर सकता है, इससे इन्हें दिक्कत है. जिन लोगों ने पाकिस्तान की गीदड़ भभकियों से डर-डर कर देश चलाया हो, उनके पास आज नेशनल सिक्योरिटी पर कहने के लिए कुछ नहीं है.'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 84 सिख दंगे का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि 'कांग्रेस की इसी सोच के कारण 1984 के सिख दंगों के मामले में आजतक सभी पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल पाया. जब इनसे इंसाफ के बारे में पूछा जाए तो ये अहंकार में बोलते हैं- 'हुआ तो हुआ': जब नामदार परिवार का सबसे करीबी व्यक्ति, सबसे बड़ा राजदार, 84 के सिख दंगों के बारे में कहे कि हुआ तो हुआ, तो आप समझ सकते हैं कि वो किसकी बोली बोल रहा है. मैं दावे के साथ कहता हूं कि अगर आज पंजाब मे चुनाव न होते, तो नामदार अपने उस गुरु को एक शब्द भी नहीं कहते. नामदार के परिवार ने, उनके साथियों ने इसी अहंकार के साथ देश पर दशकों तक शासन किया है. जब लाखों करोड़ों के घोटाले होते थे, तब कांग्रेस की सोच थी.'

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