पश्चिम बंगाल की जयनगर लोकसभा सीट पर 23 मई को मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उम्मीदवार प्रतिमा मंडल ने फिर जीत हासिल की है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी अशोक कंदारी को 316775 वोटों से हराया.
किसको कितने वोट मिले
बता दें कि कोलकाता महानगर पालिका क्षेत्र में आने वाला जयनगर दक्षिण 24 परगना जिले का हिस्सा है. इस लोकसभा सीट पर आम तौर पर वामपंथी दलों के बीच मुकाबला रहा है. अभी तक हुए आम चुनाव में तृणमूल कांग्रेस सिर्फ एक बार जीत हासिल करने में कामयाब रही है.
कब और कितनी हुई वोटिंग
जयनगर सीट पर लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में यानी 19 मई को वोट डाले गए और 82.26 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. वहीं चुनाव आयोग के मुताबिक 2014 के चुनाव में यहां 81.52% और 2009 में 80.08% मतदान हुआ था.
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कौन-कौन प्रमुख उम्मीदवार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने एक बार फिर प्रतिमा मंडल पर भरोसा जताते हुए चुनाव मैदान में उतारा तो वहीं रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी की ओर से सुभाष नस्कर चुनाव लड़े. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से अशोक कंदारी, कांग्रेस से तपन मंडल, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) से संकर देब मंडल और सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया से जय कृष्णा हलदर चुनाव मैदान में उतरे.
2014 का चुनावी समीकरण
2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन पश्चिम बंगाल ऐसा राज्य रहा जहां ममता बनर्जी का जादू चला. राज्य की 42 सीटों में टीएमसी को 34 पर जीत मिली जबकि माकपा और बीजेपी को 2-2 सीटों से संतोष करना पड़ा वहीं कांग्रेस को 4 सीट मिली थीं. जयनगर लोकसभा सीट से टीएमसी की प्रतिमा मंडल ने जीत हासिल की थी उन्होंने रेवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सुभाष नस्कर को हराया था.
सामाजिक ताना-बाना
2011 के मुताबिक जयनगर संसदीय क्षेत्र की कुल आबादी 2239168 है जिनमें 86.07% लोग गांवों में रहते हैं जबकि 13.93% शहरी हैं. इनमें अनुसूचित जाति और जनजाति का अनुपात क्रमशः 38.14 और 3.21 फीसदी है. मतदाता सूची 2017 के मुताबिक जयनगर लोकसभा क्षेत्र में 1569578 मतदाता हैं जो 1751 मतदान केंद्रों पर वोटिंग करते हैं. वन संपदा से भरपूर इस इलाके में पशु पक्षियों की सुरक्षा के लिए सजनेखली बर्ड सेंक्चुरी इसी क्षेत्र में है. भारत सेवाश्रम संघ मंदिर, कपिलमुनि मंदिर इस क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है.
सीट का इतिहास
जयनगर लोकसभा सीट तीसरे आम चुनाव के समय अस्तित्व में आई थी. इसका गठन 1962 में हुआ था. अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित जयनगर लोकसभा सीट पर 1962 में पहली बार चुनाव हुआ था जिसमें कांग्रेस के परेश नाथ कायल जीत हासिल करने में सफल रहे थे. 1967 के चुनाव में सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के उम्मीदवार चिट्टा राय चुनकर संसद पहुंचे. लेकिन 1971 के चुनावों में कांग्रेस ने फिर सीट पर वापसी की और उसके प्रत्याशी शक्ति कुमार सरकार सांसद चुने गए. हालांकि 1975 में देश में आपातकाल के बाद सियासी समीकरण बदला और शक्ति कुमार सरकार भारतीय लोक दल के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल की.
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी ने 1980 के आम चुनाव में सनत कुमार मंडल को अपना प्रत्याशी बनाया जिन्हें जीत मिली. सनत कुमार मंडल 1980 से लेकर 2004 के चुनावों तक जीत हासिल करते रहे. 1980, 1984, 1989, 1991,1996,1998,1999 और 2004 तक जयनगर लोकसभा सीट पर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी का कब्जा रहा. 2009 के चुनाव में सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने फिर वापसी की और उसके उम्मीदवार डॉ. तरुण मंडल सांसद चुने गए. लेकिन 2014 के चुनाव में समूचे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की ऐसी लहर चली कि तृणमूल कांग्रेस लोकसभा चुनाव में राज्य में 34 सीट जीतने में कामयाब रही. इसी लहर में तृणमूल कांग्रेस ने 2014 में इस सीट पर पहली बार जीत हासिल की और प्रतिमा मंडल सांसद बनीं.
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