प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ही गढ़ में घेरने के लिए कांग्रेस कई तरह की रणनीतियों पर काम कर रही है. इसी रणनीति के तहत गुजरात में बड़े पाटीदार चेहरे हार्दिक पटेल की आज कांग्रेस में एंट्री रही है, जिसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है. गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही हार्दिक पटेल बीजेपी के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं, जिसे अब कांग्रेस लोकसभा चुनाव में भुनाने की तैयारी में है. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल होंगे, वह जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.
2017 में गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उभरी हार्दिक-अल्पेश-जिग्नेश की तिकड़ी ने भारतीय जनता पार्टी की मुश्किलें बढ़ाई थीं, तीनों ने बीजेपी के खिलाफ पूरे राज्य में प्रचार किया जिसका फायदा कांग्रेस को भी मिला. और कांग्रेस ने गुजरात में भाजपा को कड़ी टक्कर दी. विधानसभा चुनाव के दौरान ही अल्पेश टाकोर कांग्रेस में शामिल हो गए थे और आज हार्दिक भी शामिल हो रहे हैं.
To give shape to my intentions to serve society & country, I have decided to join Indian National Congress on 12th March in presence of Shri Rahul Gandhi & other senior leaders.
— Hardik Patel (@HardikPatel_) March 10, 2019
कौन हैं हार्दिक पटेल?
गुजरात में पाटीदारों की राजनीति काफी अहम है, विधानसभा चुनाव से पहले पाटीदारों के आंदोलन को हार्दिक पटेल ने ही हवा दी थी. तब की मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के लिए हार्दिक का आंदोलन मुश्किलों का पहाड़ बनकर आया था.
आपको बता दें कि गुजरात की कुल जनसंख्या में करीब 15% आबादी पटेलों की है. पटेलों समुदाय की गिनती राज्य के सबसे संपन्न समुदाय में होती है. विधानसभा चुनाव में हार्दिक ने इन्हीं पाटीदारों से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील की थी, जिसका लाभ कांग्रेस को मिला भी था. कांग्रेस को कुल 77 सीटें प्राप्त हुई थीं.
जामनगर से लड़ सकते हैं चुनाव?
हार्दिक पटेल के बारे में अटकलें हैं कि वह जामनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं. ये सीट 2014 में बीजेपी के खाते में गई थी और बीजेपी की पूनमबेन यहां से चुनाव जीती थीं. पूनमबेन पाटीदार समाज से नहीं हैं, इसी का फायदा हार्दिक 2019 के चुनाव में उठाना चाहते हैं. जामनगर सीट के अंतर्गत आने वाली 7 विधानसभा सीटों में से 4 पर कांग्रेस का कब्जा है.
गौरतलब है कि 2014 के चुनाव में चली मोदी लहर का बड़ा लाभ गुजरात में बीजेपी को मिला, यहां की कुल 26 लोकसभा सीटों पर बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया था. ऐसे में कांग्रेस की सोच है कि प्रधानमंत्री मोदी को उनके ही गढ़ में बड़ी चोट दी जाए. इसी के तहत कई रणनीतियों पर काम जारी है.