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असम: ‘सही’ NRC, 30 लाख परिवारों को आर्थिक मदद, BJP के 10 वादे

बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संकल्प पत्र जारी किया, साथ ही दस बड़े वादों का ऐलान किया. बीजेपी की ओर से असम में एक बार फिर से एनआरसी का दांव चला गया है और सही तरीके से एनआरसी लागू करने की बात कही गई है.

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बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जारी किया असम का संकल्प पत्र (फाइल फोटो: PTI) बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जारी किया असम का संकल्प पत्र (फाइल फोटो: PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • असम के लिए बीजेपी का मेनिफेस्टो जारी
  • दस बड़े संकल्पों का किया गया ऐलान
  • सही एनआरसी लागू करने का वादा

असम विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने अपना मेनिफेस्टो जारी कर दिया है. बीजेपी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संकल्प पत्र जारी किया, साथ ही दस बड़े वादों का ऐलान किया. बीजेपी की ओर से असम में एक बार फिर से एनआरसी का दांव चला गया है और सही तरीके से एनआरसी लागू करने की बात कही गई है. बीजेपी ने असम के लिए किन दस बड़े संकल्पों की बात की है, एक नज़र डालें...

1.    मिशन ब्रह्मपुत्र – बाढ़ की समस्या को रोकने का प्रयास किया जाएगा, ताकि असम की जनता को इससे मुश्किल ना हो.
2.    30 लाख परिवारों को अरुणोदय योजना के तहत हर महीने 3 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.
3.    सभी नामघरों को ढाई लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, अवैध निर्माण को हटाया जाएगा.
4.    सरकारी स्कूलों में सभी बच्चों के लिए मुफ्त में शिक्षा, छात्राओं को आठवीं क्लास के बाद साइकिल देने के ऐलान
5.    असम में सही NRC को लागू करेंगे, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को पालन करेंगे. घुसपैठियों की पहचान की जाएगी. 
6.    असम में परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा. 

7.    आत्मनिर्भर असम के लिए अभियान चलाया जाएगा. हर क्षेत्रों को मदद दी जाएगी और उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा.
8.    असम को सबसे तेज़ जॉब क्रिएयर राज्य के तौर पर स्थापित करेंगे. 2 लाख लोगों को सरकारी क्षेत्र में नौकरी, 30 मार्च 2022 तक एक लाख लोगों को नौकरी दे देंगे. निजी क्षेत्र में भी 8 लाख नौकरियों का वादा. 
9.    स्वामी विवेकानंद के नाम से योजना चलाई जाएगी, जिसमें स्टार्टअप करने वालों को बढ़ावा दिया जाएगा. इसकी मदद से दस लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य.
10.    सभी को जमीन की मल्कियत का हक दिया जाएगा. ताकि असम के आम लोगों को मजबूत किया जा सके. 

आपको बता दें कि असम में बीते पांच साल से बीजेपी की ही सरकार है. पार्टी इस बार सर्वानंद सोनोनाल और हेमंता बिस्वा सरमा की अगुवाई में फिर से सरकार बनाने की कोशिश कर रही है.

एक ओर बीजेपी फिर से सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से भी लगातार प्रचार किया जा रहा है. कांग्रेस ने असम के लिए अपने मेनिफेस्टो में पांच बड़ी गारंटी थी, जिनमें CAA को लागू ना करने का वादा था. 


 

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