लड़की की शादी करना हर एक मां-बाप का सपना होता है. उनकी ख्वाहिश होती है कि जल्दी से जल्दी वो अपनी बेटी को घर से विदा कर दें. ऐसा ही कुछ माहौल नार्थ वेस्ट दिल्ली में स्थित भलस्वा गांव में रहने वाले नारायणी देवी के घर में था, लेकिन शादी की सुबह उनके घर में हमलावरों ने ऐसा दर्द दिया, जिसे शायद वो कभी नहीं भुला सकते.
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की सुबह करीब 4 बजे थे. घर में शादी की रस्म अदायगी थी. इसके लिए घर से बाहर सभी लोगों को जान था. लेकिन जब सुबह घर के लोग उठे, तो केवल खून नजर आया. लड़की के चाचा अनूप और उसकी दादी नारायणी देवी चारपाई पर खून से लथपथ पड़े थे. दोनों का गला रेत दिया गया था. उनकी हालत विभत्स थी.
वहीं जब नजर दूसरे कमरे की ओर गई तो देखा कि दो लोग बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़े थे. आनन-फानन में जब पुलिस को फोन लगाया गया तो वो मौके पर पहुंची. वहां की जांच की गई, लेकिन अभी तक कोई भी सुराग जुटा पाने में नाकामयाब रही. घायल नारायणी देवी और अनुप को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भरती कराया गया है.
परिवारवालों की माने तो उन्हें किसी पर शक नहीं है. पुलिस घटनास्थल के हालात देखकर ये अंदाजा लगा रही है कि ये मामला शायद आपसी रंजिश का हो सकता है. क्योंकि घर में कोई लूटपाट भी नहीं की गई है. फिलहाल जहांगीरपुरी थाने की पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है. घायलों की हालत गंभीर है.