कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों की की पांच दिन की रिमांड राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मिली है. एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को पहलगाम के बटकोट निवासी परवेज अहमद जोथर और हिल पार्क निवासी बशीर अहमद जोथर को एनआईए की हिरासत में भेज दिया. दोनों को पाकिस्तानी आतंकवादियों को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
एनआईए एक अधिकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने आतंकी हमले में शामिल तीनों आतंकवादियों की पहचान का खुलासा किया है. उन्होंने पूछताछ के दौरान यह भी कहा है कि वे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े हुए थे. तीनों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला किया था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे. इसके अलावा 16 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे.
उन्होंने आगे बताया कि दोनों आरोपियों को जम्मू के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश कुमार दुबे की अदालत में पेश किया गया. उन्हें 27 जून तक 5 दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया गया. परवेज और बशीर पर आरोप है कि उन्होंने आतंकी हमले से पहले हिल पार्क में एक मौसमी ढोक (झोपड़ी) में तीनों आतंकवादियों को पनाह दी थी. यहां से तीनों ने घाटी पहुंचकर आतंकी हमला किया था.
बताते चलें कि पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीनों आतंकवादी अभी पकड़े नहीं गए हैं. सुरक्षा बल लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं. अलग-अलग इनपुट के आधार पर उनकी पहचान कर ली गई है. कुछ समय पहेल उनके पोस्टर जारी किए गए थे. इसके सथा ही इस हमले में शामिल लोगों की की जानकारी देने वाले को 20 लाख का इनाम देने का ऐलान किया गया है. जानकारी देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी.
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में स्थित कई आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया था. इस दौरान हिजबुल मुजाहिद्दीन और लश्कर ए तौएबा के हेडक्वार्टर को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने तबाह कर दिया था. इसमें अजहर मसूद के कई रिश्तेदार मारे गए थे. भारत ने इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था. पाकिस्तान की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई हुई, लेकिन भारत के पलटवार के बाद वो सहम गया.