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Bulli bai app case: ओडिशा से गिरफ्तार आरोपी को मुंबई की अदालत ने 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

Bullibai app case: बुल्ली बाई ऐप को गिटहब पर तैयार किया था. इसमें चर्चित मुस्लिम महिलाओं की फोटो को लगा कर उस पर बोली लगाई जाती थी. पुलिस अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.  

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आरोपी नीरज सिंह  बुली बाई ऐप की प्लानिंग में शामिल था. (सांकेतिक तस्वीर) आरोपी नीरज सिंह बुली बाई ऐप की प्लानिंग में शामिल था. (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बुल्ली बाई ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की नीलामी के लिए बोली लगाई जाती थी
  • सुल्ली डील्स ऐप मामले में भी गिरफ्तारी हो चुकी

मुंबई की एक अदालत ने बुल्ली बाई मामले के आरोपी नीरज सिंह को 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. सिंह इस मामले में गिरफ्तार होने वाला चौथा शख्स है. आरोपी नीरज सिंह बुल्ली बाई ऐप की प्लानिंग में शामिल था. उसकी भूमिका तब सामने आई थी जब गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों से पूछताछ की गई.

28 साल के एमबीए ग्रेजुएट आरोपी नीरज सिंह को मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को ओडिशा से हिरासत में लिया था, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया था. उसे शनिवार को बांद्रा में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

इससे पहले, मुंबई पुलिस ने 21 साल के स्टूडेंट विशाल झा को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था और उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. झा के बाद उत्तराखंड के 21 वर्षीय साइंस ग्रेजुएट स्टूडेंट मयंक रावत को गिरफ्तार किया गया था और उसे भी 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था.  

थप्पड़ मारने का आरोप

मामले में गिरफ्तार सबसे कम उम्र की आरोपी श्वेता सिंह को भी रावत के साथ लाया गया और पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया था. श्वेता का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसे थप्पड़ मारा था.

नीरज बिश्नोई और ओंकारेश्वर ठाकुर से भी पूछताछ 

मालूम हो कि दो अन्य आरोपी नीरज बिश्नोई और ओंकारेश्वर ठाकुर पहले से पुलिस की हिरासत में हैं. बिश्नोई पर महिलाओं की कथित आपत्तिजनक नीलामी के लिए ऐप तैयार करने का आरोप है. वहीं, ठाकुर एक पुराने सुल्ली डील ( Sulli Deals) मामले में आरोपी था. मुंबई में हुई एफआईआर की जांच के लिए आरोपियों को 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में रखा गया है.

जमानत याचिका खारिज

न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आरोपी झा, रावत और सिंह जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई. मजिस्ट्रेट अदालत से जमानत खारिज होने के बाद झा पहले ही सेशन कोर्ट का रुख कर चुका है. आरोपी ने बुल्ली बाई केस में दिल्ली में दर्ज मामले को लेकर भी अग्रिम जमानत की मांग करते हुए दिल्ली की अदालत का रुख किया था, लेकिन वहां से भी उसे निराशा हाथ लगी.

बता दें कि Bulli Bai ऐप को गिटहब पर तैयार किया था. इसमें चर्चित मुस्लिम महिलाओं की फोटो को लगा कर उस पर बोली लगाई जाती थी. पुलिस अब तक कई लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.  

 

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