झूठ, फ़रेब और धोखे की यह एक ऐसी कहानी है, जिसका सच जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल दिल्ली में एक ही जगह से, एक साथ, एक ही वक्त, एक ही कंपनी में काम करने वाले 5 लोगों का अपहरण हो जाता है. पर इसके आगे जो कुछ होता है, वो वाकई चौंकाने वाला है.
सौरभ हर रोज़ की तरह उस दिन भी अपनी गर्लफ्रेंड शिविका से मिलने के लिए अपनी कंपनी के रेस्ट हाउस में आया था. लेकिन वो उस वक्त नहीं जानता था कि वह एक मुसीबत में फंसने वाला है. आने वाले खतरे से अनजान वह कमरे का दरवाज़ा खटखटाता है. कमरे का दरवाज़ा उसकी गर्लफ्रेंड शिविका ने ही खोला था. दरअसल शिविका सौरभ की ही कंपनी में काम करती थी. गुज़रते वक्त के साथ-साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आ चुके थे. दोनों की मुलाकातों का सिलसिला बढ़ने लगा था. अब दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे थे. शिविका ने सौरभ को एक 'ड्रिंक' पिलाया. पीने के थोड़ी देर बाद सौरभ अपने होश खो बैठा.
सौरभ को जब होश आया, तो उसने खुद को एक अनजान कमरे पाया. लेकिन उसके सामने उसकी गर्लफ्रेंड और कंपनी के तीन लोग बैठे हुए थे. सौरभ को इतना समझ में आ चुका था कि वो किसी मुसीबत में फंस चुका है और इस वक्त वह इन लोगों के रहमोकरम पर है. सौरभ को होश में आया देख चारों में से शिविका ने सौरभ को बताया कि कुछ लोगों ने उन सभी का अपहरण कर लिया है और उन चारों ने अपहरणकर्ताओं को 80 लाख रुपये देने का इंतज़ाम भी कर लिया है. अगर सौरभ अपनी जान बचाना चाहता है, तो वो किडनैपर्स को 18 लाख रुपये दे दे. सौरभ फौरन इसके लिए राज़ी हो गया. उसने अपने घर फोन किया और कहा कि वो किडनैपर्स को 18 लाख रुपये दे दें.
सौरभ के घरवालों ने भी किडनैपर्स को 18 लाख की फिरौती दे दी. फिरौती की रकम मिलने के बाद अपहरणकर्ताओं ने सौरभ को एक शर्त पर आज़ाद किया कि वह अपनी कंपनी के बाकी कर्मचारियों को वो 80 लाख रुपये लौटा देगा, जो उन्होंने खुद को किडनैपर्स के चंगुल से बचाने के लिए उन्हें दिए हैं. सौरभ इसके लिए तैयार हो गया. उसके बाद उसके अपहरणकर्ता ने सौरभ को 25 दिसंबर 2013 को छोड़ दिया.
किडनैपर्स के चंगुल से छूटने के बाद सौऱभ पुलिस के पास पहुंचा. पुलिस भी उसके अपहरण की कहानी सुनकर हैरान रह गई. लेकिन पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर किसने सौरभ का अपहरण किया था और इस साज़िश में कौन-कौन लोग शामिल थे. बस इन्हीं सवालों को सामने रख पुलिस ने अपनी तहक़ीक़ात शुरू की.
पुलिस ने सौरभ के उन कर्मचारियों और उसकी गर्लफ्रेंड से पूछताछ करने का फ़ैसला किया, जिनका उसके साथ अपहरण हुआ था. पूछताछ करने के बाद बाद भी वह किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई. लेकिन जब पुलिस ने उन सभी से सख्ती से पूछताछ की, तो उनमें से एक पुलिस के सामने टूट गया और उसने पुलिस को सौरभ की किडनैपिंग का सच बताया, तो सभी हैरान रह गए.
दरअसल इन सभी ने मिलकर सौरभ को किडनैप करने का प्लान बनाया था. किसी को इन पर शक न हो, इसलिए अपहरण करने का काम आउटसोर्स किया गया था. यानी किडनैपिंग किसी और गिरोह ने की थी. इस प्लान का सबसे हैरतअंगेज़ करने वाला पहलू यह था कि किडनैपिंग की इस साज़िश में सौरभ की गर्लफ्रेंड शिविका चौहान भी शरीक थी. इतना ही नहीं, शिविका ही अपहरण की इस साज़िश की मास्टरमाइंड भी है.
पुलिस के मुताबिक शिविका चौहान ने सौरभ के यहां काम करने वाले राज वालिया, अरुण बोहरा और सन्नी के साथ मिलकर ही इस अपहरण को अंजाम दिया. प्लान के मुताबिक ही 22 दिसंबर को उसने सौरभ को फोन कर उसी के गेस्ट हाउस बुलाया और वहां पर उन्हें नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया. इसके बाद उसने सौरभ को बाहर से बुलाए प्रोफेशनल किडनैपर्स के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं, उन सभी ने मिलकर सौरभ को यह बताया कि कि किडनैपर्स ने उसके अलावा उन चारों का भी अपहरण कर लिया है. इसके बाद करीब 1 करोड़ की फिरौती वसूलने के बाद सौरभ को छोड़ दिया गया.
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में उन चारों प्रोफेशनल किडनैपर्स- सुनील राठी, कृष्णा, रवि और संदीप को गिरफ्तार कर लिया है. लेकिन इस किडनैपिंग की साजिश में शामिल सौरभ आहूजा के चारों कर्मचारी और गर्लफ्रेंड शिविका चौहान अभी फरार हैं.