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Income Tax Update: जानिए कैसे तय होता है आपकी Salary पर कितना लगेगा टैक्स

अगर एक फाइनेंशियल ईयर में किसी व्यक्ति की इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की जरूरत नहीं है. हालांकि, आप चाहें तो रिटर्न फाइल कर सकते हैं.

Tax को कैलकुलेट करने के लिए Income Tax Calculator का इस्तेमाल करना चाहिए Tax को कैलकुलेट करने के लिए Income Tax Calculator का इस्तेमाल करना चाहिए
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2.5 लाख की इनकम पर रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं
  • 5 लाख रुपये तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं

फाइनेंशियल ईयर 2022-23 का केंद्रीय बजट (Union Budget 2022-23) पेश होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं. बजट से पहले एक बार फिर इनकम टैक्स के रेट को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. मिडिल क्लास सरकार से इनकम टैक्स में छूट की उम्मीद कर रहा है. इससे पहले हम यह जान लेते हैं कि किसी भी व्यक्ति की सैलरी पर टैक्स की दर किस प्रकार तय होती है.

टैक्स और इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन बताते हैं कि अगर एक फाइनेंशियल ईयर में किसी व्यक्ति की इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है तो उसे इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) भरने की जरूरत नहीं है. हालांकि, आप चाहें तो रिटर्न फाइल कर सकते हैं. सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर पंकज मठपाल के मुताबिक अगर आपकी इनकम 5 लाख रुपये है तो आपको कोई टैक्स नहीं देना होगा.

सैलरी 5 लाख से ज्यादा हो तो क्या करें

जैन और मठपाल दोनों के मुताबिक अगर आपकी सैलरी 5 लाख रुपये से ज्यादा है तो टैक्स का रेट इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कौन सा टैक्स रिजीम सेलेक्ट करते हैं. अभी आपके पास ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम में से किसी एक को सेलेक्ट करने का ऑप्शन है. जैन ने कहा कि आपको इन दोनों टैक्स रिजीम में से किसी एक को सेलेक्ट करते वक्त इस बात को ध्यान में रखा होगा कि क्या आपने कोई होम लोन लिया हुआ है या आप 80C के तहत कितना निवेश करते हैं. बकौल जैन, ओल्ड रिजीम के अनुसार किसी भी व्यक्ति को Home Loan के ब्याज पर एक फाइनेंशियल ईयर में अधिकतम 2 लाख रुपये, 80C के तहत 1.50 लाख रुपये, NPS में इंवेस्ट करने पर 50,000 रुपये की छूट मिलती है. इसके अलावा 50,000 रुपया का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है. आप मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम पर भी  80D के तहत छूट प्राप्त कर सकते हैं. 

कौन सा टैक्स रिजीम सेलेक्ट करें (Old Tax Regime vs New Tax Regime)

मठपाल ने बताया कि अगर आप नए टैक्स रिजीम को सेलेक्ट करते हैं तो आपको कम रेट पर टैक्स का भुगतान करना पड़ता है. लेकिन अगर आप होम लोन दे रहे हैं और 80C में डिडक्शन क्लेम करने के लिए पहले से इंवेस्ट कर रहे हैं तो किसी भी टैक्स रिजीम को सेलेक्ट करने से पहले आपको कैलकुलेट करना चाहिए कि आपको किस टैक्स रिजीम में कम टैक्स देना होगा. मठपाल के मुताबिक आपको टैक्स रिजीम सेलेक्ट करने से पहले Income Tax Calculator के इस्तेमाल के जरिए Tax को कैलकुलेट कर लेना चाहिए. 

सीनियर सिटीजन को मिलती है एक्स्ट्रा छूट

जैन ने बताया कि अगर कोई टैक्सपेयर सीनियर सिटीज कैटेगरी से आता है तो उसे एक्स्ट्रा छूट मिलती है. सबसे पहले तो उसे 2.5 लाख के बजाय 3 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं देना होता है. इसके अलावा सीनियर सिटीजन को बैंकों में जमा रकम पर मिलने वाले 50,000 रुपये तक के ब्याज पर छूट मिलती है. 

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