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लोन मोरेटोरियम पर अच्छी खबर, एक्स्ट्रा ब्याज की पुख्ता वापसी के लिए RBI का नया निर्देश

रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर में बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC)  से कहा है कि वे तत्काल एक अपने बोर्ड से मंजूर नीति बनाएं जिसके तहत छह माह के मोरेटोरियम अवध‍ि के दौरान ग्राहकों से वसूले गए ब्याज पर ब्याज की वापसी हो सके. 

ब्याज वापसी पुख्ता होगी ब्याज वापसी पुख्ता होगी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मोरेटारियम के दौरान एक्स्ट्रा ब्याज लगा था
  • सुप्रीम कोर्ट ने दिया था लौटाने का आदेश

कोरोना संकट में पिछले साल मिले लोन मोरेटोरियम के दौरान ब्याज पर वसूले गए ब्याज की पूरी तरह से वापसी सुनिश्चित हो सके, इसके लिए रिजर्व बैंक ने नए निर्देश जारी किए हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों को इस मामले एक पुख्ता नीति बनाने को कहा है. 

रिजर्व बैंक ने बुधवार को जारी एक सर्कुलर में बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC)  से कहा है कि वे तत्काल एक अपने बोर्ड से मंजूर नीति बनाएं जिसके तहत छह माह के मोरेटोरियम अवध‍ि के दौरान ग्राहकों से वसूले गए 'ब्याज पर ब्याज' की वापसी या समायोजन हो सके. 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन 

गौरतलब है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में ऐसा करने को कहा था, जिसका पालन करते हुए रिजर्व बैंक ने यह सर्कुलर जारी किया है. 

क्या है मामला 

कोरोना संकट के दौरान आम जनता और कॉरपोरेट को राहत देने के लिए रिजर्व बैंक ने पहले 1 मार्च से 31 मई और फिर 31 अगस्त तक यानी कुल छह महीने के दौरान लोगों को अपनी लोन की ईएमआई न चुकाने की छूट दी थी. इसे लोन मोरेटोरियम अवध‍ि कहा गया.

इस दौरान बैंकों और एनबीएफसी को इस बात की इजाजत थी कि वे इस दौरान का ब्याज आगे चलकर लें. लेकिन बाद में बैंकों ने इस ब्याज पर भी ब्याज जोड़ा यानी उन्होंने चक्रवृद्धि ब्याज वसूलना शुरू किया तो यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया. सुप्रीम कोर्ट ने ब्याज पर ब्याज वसूली को गलत बताते हुए बैंकों से कहा कि वे अतिरिक्त ब्याज ग्राहकों को वापस करें. 

RBI ने सितंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा था कि लोन मोरेटोरियम को 6 महीने से ज्यादा समय के लिए बढ़ाने पर ओवरऑल क्रेडिट डिसिप्लिन खत्म हो सकता और इससे अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.

केंद्र सरकार ने भी इस मामले में अलग से एक हलफनामा दाखिल किया था. सरकार ने कहा था कि मोरेटोरियम के 6 महीनों के दौरान 2 करोड़ रुपए तक के लोन की EMI पर लगने वाले ब्याज का भार केंद्र उठाएगा.

 

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