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रिलायंस ग्रुप की जियो प्लेटफॉर्म्स बनी वैल्यू के हिसाब से देश की 5वीं सबसे बड़ी कंपनी

जियो प्लेटफॉर्म्स अगर आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो जाए तो वैल्यू के हिसाब से शेयर बाजार में देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी. पिछले दो महीने में 11 टेक निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है और उन्होंने जिस रेट से हिस्सेदारी खरीदी है उसके मुताबिक कंपनी का वैल्यूएशन 4.91 लाख करोड़ रुपये होता है.

मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस समूह सफलता के झंडे गाड़ रहा मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस समूह सफलता के झंडे गाड़ रहा

  • वैल्युएशन के हिसाब से देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स
  • रिलायंस समूह की इस नई कंपनी ने किया कमाल, निवेश की लगी होड़

रिलायंस समूह की कंपनी ​जियो प्लेटफॉर्म्स देश में वैल्यू के हिसाब से पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी है. ​जियो प्लेटफॉर्म्स अगर आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड हो जाए तो वैल्यू के हिसाब से देश की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी.

शेयर बाजार में जियो से आगे सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज (10.49 लाख करोड़ रुपये), टीसीएस (7.64 लाख करोड़ रुपये) एचडीएफसी बैंक (रुपये 5.59 लाख करोड़ रुपये), और हिंदुस्तान यूनिलीवर (रुपये 4.8 करोड़ रुपये) जैसे दिग्गज होंगे.

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कितना है वैल्यूएशन

पिछले दो महीने में 11 टेक निवेशकों ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया है और उन्होंने जिस रेट से हिस्सेदारी खरीदी है उसके मुताबिक कंपनी का वैल्यूएशन 4.91 लाख करोड़ रुपये होता है. इस वैल्यूएशन के साथ ​जियो प्लेटफॉर्म्स हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्प प्लेटफॉर्म्स (3.2 लाख करोड़ रुपये), भारती एयरटेल (3.04 लाख करोड़ रुपये), इन्फोसिस (3.04 लाख करोड़ रुपये) और कोटक महिंद्रा बैंक (2.57 लाख करोड़ रुपये) से भी आगे है.

निवेश के लिए लगी लाइन

जियो में सबसे नवीनतम निवेश सऊदी अरब के पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड (PIF) का ऐलान हुआ है. जियो में 2.32 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए यह फंड 11,367 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. इस तरह रिलायंस समूह ने करीब एक दर्जन निवेशकों को जियो की हिस्सेदारी बेच और राइट्स इश्यू से कुल 1.68 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं. जियो के निवेशकों फेसबुक इंक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला, एडीआईए, टीपीजी, एल कैटर्टन और पीआईएफ शामिल हैं. सभी विदेशी निवेशक हैं.

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ग्रुप ने जुटाए 1.68 लाख करोड़

इस साल 22 अप्रैल से अब तक जियो प्लेटफॉर्म्स में इन निवेशकों ने 1,15,693 करोड़ रुपये के निवेश का सौदा किया है. इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल में अपने राइट्स इश्यू के द्वारा 53,124 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस तरह हाल के दिनों की सबसे बड़ी चुनौती यानी भारी कर्ज बोझ से रिलायंस समूह ने पार पा लिया है. कंपनी पर 31 मार्च, 2020 तक 1,61,035 करोड़ रुपये का कर्ज था जिससे वह अब आसानी से मुक्त हो सकती है. मुकेश अंबानी ने अपने शेयरधारकों से अगस्त 2019 की सालाना आमसभा में वादा किया था कि वह मार्च 2021 तक कंपनी को कर्जमुक्त कर देंगे और वह इस वादे पर खरे भी उतरे हैं.

ये थी सबसे चर्चित डील

हाल की रिलायंस की सबसे चर्चित डील रही है दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी फेसबुक के साथ. फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए 43,574 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके बाद सिल्वर लेक ने 5,656 करोड़ के निवेश से 1.15 फीसदी हिस्सेदारी, विस्टा इक्विटी ने 11,367 करोड़ रुपये के निवेश से 2.32 फीसदी हिस्सेदारी और जनरल एटलांटिक ने 6,598 करोड़ रुपये के निवेश से 1.34 फीसदी हिस्सेदारी लेने का ऐलान किया.

केकेआर ने भी जियो प्लेटफॉर्म्स में 11,367 करोड़ रुपये के निवेश से 2.32 फीसदी हिस्सेदारी तो मुबाडला ने 9,093 करोड़ रुपये के निवेश से 1.85 फीसदी हिस्सेदारी लेने का ऐलान किया.

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