scorecardresearch
 

जॉनसन बेबी पाउडर में कैंसर कारक तत्व, US में कंपनी ने वापस मंगाए 33 हजार डिब्बे

अमेरिकी बेबी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन एक बार फिर सवालों के घेरे में है. अमेरिका में कंपनी के बेबी पाउडर में कैंसर कारक तत्‍व पाए गए हैं.

Advertisement
X
जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर में कैंसर कारक तत्‍व
जॉनसन एंड जॉनसन के बेबी पाउडर में कैंसर कारक तत्‍व

  • जॉनसन ने अमेरिका में 33 हजार बेबी पाउडर की बोतलों को वापस मंगाया
  • अमेरिका में बेबी पाउडर के नमूनों में एस्बेस्टस की मात्रा का पता लगा है

बेबी प्रोडक्‍ट के जरिए हर घर में जगह बनाने वाली अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन सवालों के घेरे में है. दरअसल, कंपनी ने अमेरिकी में लगभग 33 हजार बेबी पाउडर के बोतलों को वापस मंगाया है. न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक बेबी पाउडर के नमूनों में एस्बेस्टस की मात्रा का पता लगा है.

क्‍या होता है एस्बेस्टस?

एस्बेस्टस एक घातक कार्सिनोजेन है जिससे इंसानों में कैंसर बढ़ने का खतरा होता है. यह पहली बार है जब अमेरिका की स्वास्थ्य नियामकों ने प्रोडक्ट में एस्बेस्टस की मात्रा का पता लगाया है. वहीं पहली बार कंपनी ने अपने बेबी पाउडर प्रोडक्‍ट को बाजार से वापस मंगाया है.

इस बीच, जॉनसन एंड जॉनसन की ओर से सफाई भी आई है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि एक ऑनलाइन रिटेलर से सिंगल बोतल खरीदी गई थी. इसके बाद परीक्षण के लिए स्‍वेच्‍छा से #22318RB लॉट को वापस बुलाया गया है, जिसके 33 हजार बॉटल्स हैं. इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि पिछले 40 साल में हजारों टेस्ट ने बार-बार इस बात कि पुष्टि की है कि हमारे पाउडर में एस्बेस्टस नहीं है. बहरहाल, इस खबर के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में जॉनसन एंड जॉनसन के शेयर 6 फीसदी लुढ़क गए और 127.70 डॉलर के भाव पर बंद हुए.

Advertisement

बता दें कि अमेरिकी फार्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन की बेबी पाउडर, शेम्‍पू और साबुन के जरिए भारत समेत दुनिया के अन्‍य देशों में एक खास पहचान है. हालांकि कंपनी को अपने कई प्रोडक्ट की वजह से  मुकदमा और जुर्माने का सामना करना पड़ा है. हाल ही में एक शख्‍स ने प्रोडक्‍ट पर सवाल खड़ा करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले की सुनवाई के दौरान जॉनसन एंड जॉनसन को दोषी पाया गया और 8 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगा है.

भारत में भी उठे हैं सवाल

भारत में भी कई बार जॉनसन एंड जॉनसन विवादों के घेरे में रही है. बीते अप्रैल में कंपनी के बेबी शैंपू पर सवाल खड़े हुए थे तो वहीं मई महीने में दिल्ली हाईकोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन को 67 मरीजों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने यह फैसला दोषपूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण उपकरण मुहैया कराने के मामले में दिया.

Advertisement
Advertisement