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विदेशी मुद्रा भंडार की रफ्तार पर लगा ब्रेक, दो माह बाद आई गिरावट

गत 19 जून को समाप्त सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार अपनी सर्वकालिक ऊंचाई से 2.078 अरब डॉलर घटकर 505.56 अरब डॉलर रह गया.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अरब डॉलर कम हो गया है
  • 24 अप्रैल के बाद से पहली बार मुद्रा भंडार में गिरावट है

बीते 19 जून को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2 अरब डॉलर कम हुआ है. रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार 2.078 अरब डॉलर घटकर 505.56 अरब डॉलर रह गया. रिजर्व बैंक के मुताबिक 24 अप्रैल के बाद से पहली बार विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई है. तब ये भंडार 11.3 करोड़ डॉलर लुढ़क कर 479.455 अरब डॉलर पर था.लेकिन 24 अप्रैल से 12 जून के बीच देश का विदेशी मुद्रा भंडार 28.189 अरब डॉलर बढ़ा है. 

5 जून को 500 अरब डॉलर के पार पहुंचा
आपको बता दें कि 5 जून को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 500 अरब डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार किया था. इसके बाद 12 जून को समाप्त हुए सप्ताह में भी बढ़त बरकरार रही और यह 507.644 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया था.  अगर दूसरे देशों से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की तुलना करें तो चीन और जापान के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गया है.

ये पढ़ें—विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़त बरकरार, लगातार दूसरी बार 500 अरब डॉलर के पार

रिजर्व बैंक के मुताबिक इस सप्ताह में सोने का रिजर्व भंडार 35.8 करोड़ डॉलर घटकर 32.815 अरब डॉलर रह गया. रिजर्व बैंक के आंकड़े बताते हैं कि समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में विशेष आहरण अधिकार 60 लाख डॉलर घटकर 1.447 अरब डॉलर जबकि आईएमएफ में देश का आरक्षित मुद्राभंडार 1.6 करोड़ डॉलर घटकर 4.264 अरब डॉलर रह गया.
 

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क्या थी बढ़त की वजह?

अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, विदेशीमुद्रा भंडार में वृद्धि का कारण अधिक पूंजी निवेश होने के अलावा चालू खाता के घाटे का कम होना था. कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न व्यवधानों की वजह से कारोबारी गतिविधियों में सुस्ती आई थी. हालांकि, अब धीरे—धीरे अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है और फिर आयात बढ़ा है. जाहिर सी बात है कि खर्च भी ज्यादा हो रहा है.

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