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मुजफ्फरपुर में PTM के दौरान एक पेरेंट की अजीबोगरीब मांग... Video

मुजफ्फरपुर के एक प्राइवेट स्कूल में पैरेंट-टीचर मीटिंग के दौरान एक मुस्लिम अभिभावक ने जुमे की नमाज के लिए बच्चों को शुक्रवार को जल्दी छुट्टी देने की मांग की. स्कूल प्रशासन ने इसे खारिज करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग के नियमों में ऐसी कोई छूट नहीं है. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है.

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वीडियो वायरल.
वीडियो वायरल.

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी स्कूल में अभिभावक-शिक्षक बैठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक मुस्लिम अभिभावक ने जुमे की नमाज के लिए शुक्रवार को बच्चों की जल्दी छुट्टी करने की मांग की है. वहीं, स्कूल संचालक ने कहा है कि बिहार के स्कूलों में ऐसा कोई नियम नहीं है. 

दरअसल, मुजफ्फरपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे के अभिभावक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में अभिभावक स्कूल में अपने बच्चे को शुक्रवार को जल्दी छुट्टी देने की गुहार लगा रहे हैं. ताकि उनका बच्चा समय पर नमाज अदा कर सके. जब वहां मौजूद दूसरे शिक्षक ने यह समझाने की कोशिश की तो अभिभावक भड़क गए और कहा कि यह कोई निजी मामला नहीं है. 

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मामला सदर थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल का है, जहां अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी. जिसमें हर अभिभावक अपनी बात रख रहे थे और जब अभिभावक मोहम्मद अरमान अख्तर करीमी की बारी आई, तो उन्होंने कहा कि नमाज अदा करने की इजाजत भारत के हर विभाग में है और नमाज के लिए छूट है कि बच्चे जा सकते हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी तर्क दिया कि हमारे बच्चे इसलिए स्कूल नहीं जाते क्योंकि उन्हें छुट्टी नहीं दी जाती.

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देखें वीडियो...

मोहम्मद अरमान अख्तर करीमी ने बताया कि जब हम पैरेंट्स टीचर मीटिंग में गए तो स्कूल ने पूछा कि कोई और दिक्कत तो नहीं है. इसपर हमने कहा कि आप हमारे बच्चों को शुक्रवार को अतिरिक्त समय दीजिए, ताकि वे जुम्मा की नमाज अदा कर सकें. स्कूल ने कहा कि हम धर्म को स्कूल में घुसने नहीं देंगे. इस पर हमने कहा कि आप होली-ईद  के अलावा कई बार धार्मिक आयोजन करते हैं. फिर जुम्मा की नमाज के लिए समय क्यों नहीं देते.

स्कूल प्रशासन ने दी ये सफाई

स्कूल के निदेशक सुमन कुमार ने कहा कि उन्होंने सभी अभिभावकों को समझाया कि यह गलत मांग है. स्कूल प्रबंधन में ऐसा कोई अपवाद नहीं है. जब शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूछा गया कि क्या ऐसा कोई नियम है या नहीं, तो उन्होंने बताया कि बिहार के किसी भी स्कूल में ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी मुस्लिम, हिंदू, सिख या ईसाई बच्चे को प्रार्थना के लिए अतिरिक्त छुट्टी दी जाए.

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