इस्लामाबाद वार्ता से लौटते वक्त प्लेन को उड़ाने का था प्लान? ईरान का दावा- लास्ट मिनट बदला रूट

ईरान की तरफ से दावा किया गया है कि पहले दौर की वार्ता के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल को गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा था. ईरानी शासन के सरकारी प्रवक्ता ने यह दावा करते हुए कहा है कि ईरान अमेरिका पर कभी भरोसा नहीं कर सकता और इसलिए बातचीत के साथ-साथ युद्ध की तैयारी भी जारी है.

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ईरान ने दावा किया है कि इस्लामाबाद से वापसी के वक्त उनके प्लेन को हमले का खतरा था ईरान ने दावा किया है कि इस्लामाबाद से वापसी के वक्त उनके प्लेन को हमले का खतरा था

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:54 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान में ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता के लिए तैयार है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका दो दिनों में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से पाकिस्तान से मिल सकता है. इस बीच ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने शिकायत की है कि पहले दौर की वार्ता के लिए जाते और वापस आते वक्त उन्हें सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे का सामना करना पड़ा. ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि खतरे को देखते हुए सोमवार को वापसी के वक्त उन्हें रास्ता बदलना पड़ा था.

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ईरान के प्रॉक्सी समूह लेबनान के हिज्बुल्लाह से जुड़े मीडिया आउटलेट अल-मयादीन ने यह जानकारी दी है. आउटलेट में बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वापसी के वक्त गंभीर सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ा.

प्रतिनिधिमंडल के साथ गए प्रोफेसर मोहम्मद मरांदी ने लेबनानी मीडिया को बताया कि उनके प्लेन पर हमले की वॉर्निंग दी गई थी जिसके चलते यात्रा के दौरान और बाद में सतर्कता बढ़ा दी गई. उन्होंने कहा कि बातचीत खत्म होने के बाद तेहरान लौटते समय ईरानी ग्रुप ने तय रास्ते के बजाय एक वैकल्पिक रास्ता अपनाया.

उन्होंने कहा, 'जब यह साफ हो गया कि प्रतिनिधिमंडल पर हमला हो सकता है तो हमने रास्ता बदल दिया.'

अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी रहे हैं मरांदी

मरांदी को ईरानी शासन का सरकारी प्रवक्ता भी बताया जाता है, जिनके पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से करीबी संबंध थे.

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मरांदी ने मंगलवार को अल-मयादीन से कहा, 'हम अमेरिका पर भरोसा नहीं करते और हम अगले दौर के युद्ध की तैयारी में भी लगे हुए हैं. ईरान हमेशा से जानता था कि अमेरिका धोखेबाज है.'

उन्होंने कहा कि भले ही अमेरिका के साथ वार्ता हो रही है लेकिन इस बीच ईरान सैन्य क्षमताओं को भी मजबूत कर रहा है.

दूसरे दौर की वार्ता दो दिनों में शुरू हो सकती है

बीते रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद पहली बार बातचीत हुई थी. दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था.

पहले दौर की वार्ता असफल रही है जिसके बाद पाकिस्तान ने दूसरे दौर की बातचीत के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं. अब खबर है कि जल्द ही दोनों देश बातचीत की टेबल पर फिर से बैठ सकते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में दूसरे दौर की बातचीत की पुष्टि की है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अगले दो दिनों में फिर से शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा, 'अगले दो दिनों में कुछ होने वाला है. हम पाकिस्तान जाने के लिए बहुत इच्छुक हैं.'

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