अमेरिका की ईरान के साथ दूसरे दौर की वार्ता को लेकर लगातार असमंजस बना हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल कुछ ही घंटो में पाकिस्तान पहुंच सकता है. लेकिन असल दुविधा ये है कि अमेरिका तो बातचीत के लिए तैयार है लेकिन ईरान अभी तक इसके लिए रजामंद नहीं हुआ है.
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि वेंस की अगुवाई में कुछ ही घंटों में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचेगा. अगर बातचीत होती है तो वे खुद ईरान के वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि हमारी बातचीत होने वाली है इसलिए मुझे लगता है कि इस समय कोई भी खेल नहीं खेल रहा है. उन्होंने यह भी पुष्टि की कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुश्नर सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुका है.
ट्रंप ने कहा कि वे अभी जा रहे हैं और इस्लामाबाद समय के अनुसार आज रात तक वहां पहुंच जाएंगे. बता दें कि अमेरिका की तरफ से बातचीत के लिए यह जद्दोजहद इसकी जरूरत को दर्शाती है. दरअसल दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की अवधि 22 अप्रैल को खत्म हो रही है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर मौका मिलता है तो वे ईरानी नेतृत्व से सीधे मिलने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मुझे उनसे मिलने में कोई समस्या नहीं है. अगर वे मिलना चाहते हैं, तो हमारे पास बहुत सक्षम लोग हैं. मुझे खुद मिलने में भी कोई दिक्कत नहीं है.
ट्रंप के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान को परमाणु हथियारों की अपनी किसी भी योजना को पूरी तरह छोड़ना होगा. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने परमाणु हथियार खत्म करने होंगे. यह बहुत सरल है. कोई परमाणु हथियार नहीं होगा. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ईरान ऐसा करता है तो वह एक समृद्ध देश बन सकता है.
हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अगर ईरान इन शर्तों को नहीं मानता या बातचीत असफल हो जाती है तो अमेरिका क्या कदम उठाएगा. उन्होंने कहा कि मैं इस बारे में विस्तार से नहीं जाना चाहता. आप अंदाजा लगा सकते हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका को पता है कि ईरान की ओर से वार्ता का नेतृत्व कौन कर रहा है, तो ट्रंप ने कहा कि हमें काफी अच्छी जानकारी है और हमें लगता है कि हम सही लोगों से बात कर रहे हैं.
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