इस्लामाबाद में US-ईरान शांति वार्ता का दूसरा दौर, तकनीकी चरण में पहुंची बातचीत

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि ईरान लेबनान में इजरायली हमलों को रोकने और प्रतिबंधों के कारण फ्रीज़ की गई संपत्तियों को अनफ्रीज़ करने की मांग कर रहा है.

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इस्लामाबाद में यूएस-ईरान शांति वार्ता (Photo: X/PressTV) इस्लामाबाद में यूएस-ईरान शांति वार्ता (Photo: X/PressTV)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:18 AM IST

पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को शुरू हुई शांति वार्ता रविवार को स्थानीय समय के मुताबिक सुबह के शुरुआती घंटों तक जारी रही. अब दूसरे तौर की बातचीत जारी है. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक डेलिगेशन ने इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों के साथ सीधी बातचीत की. अमेरिकी वार्ता टीम के अन्य सदस्यों में राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ शामिल हैं. 

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ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ शामिल हैं, जो एक ऐसे डेलिगेशन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें ऐसे अधिकारी शामिल हैं, जो पश्चिम के साथ व्यवहार में कड़ा रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं.

समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, शनिवार देर शाम इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत का एक नया दौर शुरू हुआ, जिसमें पाकिस्तानी अधिकारियों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. ईरानी सूत्रों ने इस चरण को एक साझा रूपरेखा पर पहुंचने का संभावित 'आखिरी मौका' बताया है. 

Wall Street Journal की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत एक नाजुक सीजफायर के बीच हो रही हैं. अब यह वार्ता उस तरफ बढ़ रही हैं, जिसे सरकारी मीडिया ने 'तकनीकी चरण' बताया है. इन वार्ताओं के लक्ष्यों में से एक होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से फिर से खोलना है, जहां से आमतौर पर दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता होता है.

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ईरान ने US के दावे का खंडन किया

समाचार एजेंसी Tasnim के मुताबिक, ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपने कंट्रोल को लेकर अमेरिका की उन मांगों को मानने से इनकार कर रहा है, जिन्हें वह 'ज्यादा मांगें' कहता है. जैसे ही शनिवार को वार्ता शुरू हुई, अमेरिकी नौसेना के दो गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक (Destroyers) इस स्ट्रेट से गुज़रे. यह छह हफ्ते पहले युद्ध शुरू होने के बाद से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से अमेरिकी युद्धपोतों का पहली बार गुज़रना था. हालांकि, ईरान ने अमेरिका के इस दावे का खंडन किया है.

यह भी पढ़ें: ईरान जंग रुकनी चाहिए, 'सर्वशक्तिमान होने का भ्रम' युद्ध को बढ़ावा दे रहा: पोप लियो

शनिवार को वार्ता में क्या बात हुई?

तेहरान, लेबनान में इजरायल के हमलों को रोकने और प्रतिबंधों के कारण फ्रीज़ की गई संपत्तियों को अनब्लॉक करने की मांग कर रहा है.
जेडी वेंस ने वार्ता से पहले कहा कि वॉशिंगटन मदद का हाथ बढ़ाने को तैयार है लेकिन तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह हमारे साथ चालाकी करने की कोशिश न करे.
ट्रंप ने कहा कि अगर वार्ता विफल हो जाती है, तो अमेरिका गोला-बारूद और हथियारों से जहाजों को भर रहा है.

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