राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अमेरिका ईरानी तेल खरीदने वाली चीनी रिफाइनरियों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा सकता है. उन्होंने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात के दौरान उन्होंने चीनी रिफाइनरियों पर अमेरिकी प्रतिबंधों पर चर्चा की.
चीन में दो दिवसीय शिखर बैठक खत्म करने के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह मुद्दा शी जिनपिंग के साथ हुई बातचीत में शामिल था. चीन से लौटते वक्त पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, 'हमने इस पर चर्चा की और मैं अगले कुछ दिनों में इस पर फैसला लेने वाला हूं.'
अमेरिका ने हाल ही में कई चीनी तेल रिफाइनरियों पर प्रतिबंध लगाए थे, जिन पर ईरानी तेल खरीदने का आरोप है. इनमें हेंगली पेट्रोकेमिकल भी शामिल है, जो चीन की सबसे बड़ी प्राइवेट रिफाइनरियों में से एक है. यह कंपनी चीन के रिफाइनिंग सेक्टर के आधुनिकीकरण में अहम भूमिका निभाती है.
ये प्रतिबंध ईरान की तेल आय कम करने के लिए अमेरिका के प्रेशर कैंपेन का हिस्सा हैं. हालांकि, चीन अब भी ईरानी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल है.
व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह मुद्दा अमेरिका-चीन आर्थिक संबंधों में एक और संवेदनशील विषय बनकर उभरा है.
चीन से लौटते वक्त चीन को लेकर ट्रंप ने और क्या कहा?
ट्रंप ने यह भी कहा कि चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग भी इस बात का समर्थन करते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता.
उन्होंने कहा, 'चीनी राष्ट्रपति को पूरा भरोसा है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं है और शी चाहते हैं कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोल दे.'
ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार के संबंध में हुई एक खास प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि चीन अमेरिका से अरबों डॉलर के सोयाबीन खरीदेगा. यह अमेरिकी किसानों के लिए अच्छी खबर है.
ईरान को हथियार नहीं देगा चीन- ट्रंप
इससे पहले गुरुवार को एक इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनसे मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान को हथियार नहीं भेजने पर सहमति जताई है. ट्रंप ने कहा कि बीजिंग में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान चीनी राष्ट्रपति ने ईरान को सैन्य उपकरण नहीं भेजने पर सहमति जताई है.
ट्रंप ने कहा, 'हमने इस पर चर्चा की. जब आप समर्थन की बात करते हैं, तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो हमारे खिलाफ युद्ध लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो ईरान को सैन्य उपकरण नहीं देंगे. यह बहुत बड़ा बयान है.'
ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन ईरान से तेल खरीदना जारी रखना चाहता है. उन्होंने कहा, 'साथ ही उन्होंने कहा कि वे वहां से काफी तेल खरीदते हैं और इसे जारी रखना चाहते हैं.'
आजतक इंटरनेशनल डेस्क