भारत, पाकिस्तान में बच्चियों का यौन उत्पीड़न दर्दनाक: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र और इसकी एंजेसियां बच्चियों और महिलाओं के साथ इस तरह के हमलों को लेकर समाज को संदेश देने और उन्हें जागरूक करने की दिशा में काम कर रही हैं.

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प्रतीकात्मक फटो  प्रतीकात्मक फटो

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 02 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक का कहना है कि भारत में एक नवजात और पाकिस्तान में एक बच्ची का यौन उत्पीड़न दिल दहला देने वाला है. लेकिन बच्चियों के साथ यह हिंसा सभी देशों में हो रही है.

डुजारिक से एक संवाददाता ने भारत और पाकिस्तान में इन दो मामलों के बारे पूछते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र इस हिंसा को रोकने के लिए इन दोनों देशों को क्या सलाह देगा?  इसके जवाब में डुजारिक ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र और इसकी एंजेसियां बच्चियों और महिलाओं के साथ इस तरह के हमलों को लेकर समाज को संदेश देने और उन्हें जागरूक करने की दिशा में काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि आप जिन दो मामलों का उल्लेख कर रहे हैं, ये दिल दहला देने वाले हैं."

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सभी देशों में हो रही यह हिंसा

उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट है कि इस ग्रह पर कोई भी देश महलिाओं और बच्चियों के साथ इस तरह की हिंसा से बचा हुआ नहीं है. हम सभी देशों में इस तरह के मामले देखते हैं."

गौरतलब है कि रविवार को नई दिल्ली में एक आठ महीने की नवजात के साथ उसके 28 वर्षीय किया. वहीं, पिछले महीने पाकिस्तान के कसूर में सात साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी.

इन दोनों मामलों को लेकर ही लोगों में गुस्सा देखने को मिला और बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाने का आह्वान किया गया.

समाज को जागरूक करने की दिश में काम

डुजारिक ने बच्चियों और महिलाओं को इस हिंसा के बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र के कार्यो के बारे में कहा, "संयुक्त राष्ट्र विभिन्न कार्यक्रमों जैसे संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए), यूनिसेफ और अन्य के जरिए विभिन्न देशों की सरकारों के साथ काम कर रहा है. ताकि बच्चियों और महिलाओं का सम्मान करने के लिए समुदायों को संदेश दिया जा सके."

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उन्होंने कहा, "यह समान अधिकार, महिलाओं और तक स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा की पहुंच सुगम बनाने को लेकर है. यह महिला सशक्तीकरण को लेकर है. संयुक्त राष्ट्र विभिन्न विकास कार्यक्रमों के जरिए इस मुद्दे का निपटारा करने का प्रयास कर रहा है."

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