अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम बनाने का लाइसेंस देगा. ट्रंप के अनुसार अमेरिका का ये कदम यूक्रेन को रूसी मिसाइल हमलों के मुकाबला करने की शक्ति देगा. यह यूक्रेन के लिए एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि उन्हें इस युद्ध के पांचवें साल में इस टेक्नोलॉजी की बहुत जरूरत थी.
तुर्की में NATO समिट के दौरान यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात करते हुए ट्रंप ने कहा, "हम उन्हें पैट्रियट बनाने का अधिकार देंगे. हम उन्हें सिखाएंगे कि इसे कैसे बनाना है." उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि वे इन्हें काफी तेज़ी से बना सकते हैं."
पैट्रियट सिस्टम महंगे होते हैं, इनकी बहुत ज़्यादा मांग है और इन्हें बनाने में काफी समय लगता है. ज़ेलेंस्की कई सालों से इनकी और ज़्यादा सप्लाई की मांग कर रहे थे. हाल ही में उन्होंने लाइसेंस की भी मांग की थी ताकि यूक्रेन खुद इन्हें बना सके.
यूक्रेनी नेता के साथ ट्रंप की इस मुलाकात का अंदाज़ पिछली मुलाकातों से बिल्कुल अलग था, जो अक्सर कड़वाहट के साथ खत्म होती थीं. ट्रंप ने यूक्रेन में लड़ाई खत्म करने के लिए किसी समझौते पर पहुंचने की ज़ेलेंस्की की इच्छा की तारीफ भी की.
उन्होंने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति ने युद्ध में "बहुत बढ़िया काम किया है" और "बहुत असरदार रहे हैं."
ट्रंप ने कहा, "असल में हमारे बीच अच्छे संबंध बन गए हैं. यकीन करना मुश्किल है." उन्होंने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता जल्द ही हो सकता है.
अचूक है पैट्रियट मिसाइल
पैट्रियट मिसाइल अमेरिका का सबसे शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम में से एक है. इसका पूरा नाम MIM-104 Patriot है. यह 1980 के दशक में विकसित हुई और मुख्य रूप से दुश्मन के विमान, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए बनाई गई है. यह सिस्टम रडार, लॉन्चर और कमांड सेंटर से मिलकर काम करता है. इसका PAC-3 वर्जन सबसे एडवांस है, जो हाई स्पीड बैलिस्टिक मिसाइलों को भी मार गिरा सकता है. पैट्रियट ने 1991 के गल्फ वॉर, इजरायल-हमास युद्ध और यूक्रेन युद्ध में अहम भूमिका निभाई है.
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