ट्रैवल बैन पर फेडरल कोर्ट से भी मिला झटका, तो ट्रंप ने जजों से कहा, कोर्ट में देख लूंगा!

अमेरिका में सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों और शरणार्थियों के आने पर प्रतिबंध वाले डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर संघीय अपील कोर्ट ने भी झटका दिया है. इससे भड़के ट्रंप ने जजों को ही कोर्ट में देख लेने की बात कही.

Advertisement
डोनाल्ड ट्रंप डोनाल्ड ट्रंप

संदीप कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 9:59 AM IST

अमेरिका में सात मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों और शरणार्थियों के आने पर प्रतिबंध वाले डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर संघीय अपील कोर्ट ने भी झटका दिया है. इससे भड़के ट्रंप ने जजों को ही कोर्ट में देख लेने की बात कही.

ट्रंप प्रशासन की ओर से अपील कोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रैवेल बैन के फैसले पर निचली अदालत की लगाई रोक को जल्द हटाने की मांग की थी. उनकी याचिका पर तीन जजों के एक पैनल ने सुनवाई की और तीनों ने ही एकमत से के आदेश को आसंवैधानिक करार दिया.'

Advertisement

कोर्ट ऑफ अपील्स ने अपने फैसले में कहा, 'हमारा मानना है कि सरकार ने यह साबित नहीं किया कि इसकी अपील में दम है और न ही यह साबित किया है कि रोक नहीं हटाने से बड़ा नुकसान होगा.'

जजों के इस फैसले से भड़के ट्रंप ने ट्वीट कर नराजगी जताई और उन्हें कोर्ट में देख लेने की बात कही. ट्रंप के ट्वीट किया, 'आपको अदालत में देखूंगा. हमारे देश की सुरक्षा दांव पर है!'

ट्रंप के इस ट्वीट से साफ है कि वह इस मामले में पीछे हटने को तैयार नहीं और अब आदेश बहाली के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट से भी खुशखबरी मिलने की उम्मीद कम ही हैं. इसकी वजह यह है कि सुप्रीम कोर्ट की आठ जजों की बेंच में चार रिपब्लिकन रूझान वाले हैं, जबिक चार का रूझान डेमोक्रेट्स की तरफ है. ऐसे में अगर चार-चार से फैसला बराबर रहता है, तो ट्रैवल बैन का आदेश खारिज ही रहेगा.

Advertisement

अदालतों से मिल रही निराशा के बीच कानूनी जानकरों के मुताबिक, ट्रंप को इसके लिए संसद का ही रुख करना चाहिए. उन्हें अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी से बिल लाना चाहिए, जिसके बाद संवैधानकि तौर पर इसे चुनौती नहीं दी जा सकेगी.

बता दें कि ट्रंप ने 27 जनवरी को ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के नागरिकों के अमेरिका में लगा दिया था. इस फैसले का दुनियाभर में विरोध हो रहा है. अमेरिका के कई शहरों और हवाईअड्डों पर लोग ट्रंप के इस निर्णय के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं.

शुक्रवार को सिऐटल के एक फेडरल जज जेम्स रोबाट ने इस बैन पर प्रतिबंध लगा दिया था. जज ने कहा था कि इस फैसले की विस्तृत कानूनी समीक्षा की जाएगी. शनिवार को ट्रंप ने इस जज पर बिफरते हुए उनके खिलाफ कई ट्वीट किए थे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »