स्पेशल टेररिस्ट जोनः आतंक के पनाहगाह पाकिस्तान को भारत ने दिया नया नाम

मानवाधिकार काउंसिल में भारत की सेकेंड सेक्रेटरी कुमाम ने कहा, 'हम काउंसिल से गुजारिश करते हैं कि वह पाकिस्तान से सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को बंद करने के कहे, जोकि आतंकियों के लिए स्पेशल टेररिस्ट जोन्स, सुरक्षित पनाहगाह बन गया है.'

Advertisement
आतंकी हाफिज सईद आतंकी हाफिज सईद

गीता मोहन

  • संयुक्त राष्ट्र,
  • 09 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 9:30 AM IST

'आईवी लीग ऑफ टेररिज्म' और 'टेररिस्तान' के बाद भारत ने पाकिस्तान को एक और नई संज्ञा दी है. आतंक को समर्थन देने वाले इस पड़ोसी देश को भारत ने 'स्पेशल टेररिस्ट जोन' कहा है.

में भारत की सेकेंड सेक्रेटरी कुमाम ने कहा, 'हम काउंसिल से गुजारिश करते हैं कि वह पाकिस्तान से सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को बंद करने के कहे, जोकि आतंकियों के लिए स्पेशल टेररिस्ट जोन्स, सुरक्षित पनाहगाह बन गया है.'

Advertisement

कश्मीर पर पाकिस्तानी राजनयिक के बयान के जवाब में भारतीय सचिव ने जम्मू कश्मीर में आतंकी समस्या के असली कारणों को गिनाते हुए पाकिस्तान को करारा जवाब दिया. पाकिस्तान की ओर से आतंक को प्रश्रय देने को मूल जड़ बताते हुए कुमाम ने कहा कि इस समस्या से पाकिस्तान के भीतर भी संकट खड़ा हो गया है और जरूरत इस बात की है कि पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे उल्लंघनों पर कार्यवाही हो.

उन्होंने कहा, 'हम दृढ़ता से पाकिस्तान द्वारा बार-बार काउंसिल का दुरुपयोग करने और भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के बारे में भ्रामक प्रचार करने का विरोध करते हैं. काउंसिल को पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में अधिक सचेत होने की जरूरत है, जोकि सुव्यवस्थित रूप से बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तनूवा के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. पाकिस्तान लंबे समय से अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को ढंकने का प्रयास कर रहा है और मानवाधिकारों का ढोंग करते हुए आतंक को राज्य नीति के रूप में यूज करता रहा है.'

Advertisement

भारतीय राजनयिक ने पाकिस्तान समर्थित आतंक के बारे में खुलकर बोला और बताया कि यह किस तरह जम्मू-कश्मीर में शांति को प्रभावित कर रहा है. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है. जम्मू-कश्मीर राज्य में असली समस्या आतंकवाद है, जिसे पाकिस्तान की ओर से लगातार मदद मिल रही है.'

पाकिस्तान में ईश निंदा कानून का हवाला देते हुए कुमाम ने मांग की कि पाकिस्तान अपने यहां अल्पसंख्यकों के धर्म परिवर्तन, जबरदस्ती शादी और अपहरण को रोके.

भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से अपील करते हुए कहा कि 'पाकिस्तान अपने कब्जे वाले कश्मीर से अवैध और जबरदस्ती कब्जा छोड़े और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न बंद करे और साथ ही ईश निंदा कानून के दुरुपयोग के लिए प्रक्रियागत और सांस्थानिक सुरक्षा उपलब्ध कराए. इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान में हिंदुओं, सिख और ईसाई महिलाओं के जबरदस्ती धर्म परिवर्तन और शादी को रोकने की मांग की.'

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »