'कई दिन तक सदमे में रही...' पाकिस्तान में किडनैपिंग के बाद अफगान राजदूत की बेटी की दास्तान

पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्ला अलिखिल की बेटी को पिछले महीने किडनैप किया गया था, जिसके कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया. राजदूत की बेटी सिलसिला अलिखिल ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है.

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राजदूत की बेटी सिलसिला अलीखिल राजदूत की बेटी सिलसिला अलीखिल

अनिल कुमार

  • इस्लामाबाद,
  • 20 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST
  • पिछले महीने सिलसिला अलिखिल की हुई थी किडनैपिंग
  • पाकिस्तान ने आरोपों से किया इनकार
  • अलिखिल ने फेसबुक पर वीडियो जारी किया

पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्ला अलिखिल की बेटी को पिछले महीने किडनैप किया गया था, जिसके कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया. राजदूत की बेटी सिलसिला अलिखिल ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है. घटना को लेकर उन्होंने पहली बार कई अहम जानकारियां दीं. उन्होंने बताया कि वह घटना के कई दिनों तक सदमे में रहीं.

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26 वर्षीय सिलसिला ने फेसबुक पर पोस्ट किए गए आठ मिनट के वीडियो में बताया है कि जब वह टैक्सी से बाजार से घर आ रही थीं, तब उनकी किडनैपिंग की गई. उन्होंने दावा किया कि टैक्सी के ड्राइवर ने एक युवक को गाड़ी में उनके विरोध के बाद भी बैठने की इजाजत दे दी. कार में उनके साथ मारपीट की गई और दुर्व्यवहार किया गया. इस दौरान, वह बेहोश हो गईं.

वीडियो में अफगान राजदूत की बेटी ने कहा, ''मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद मुझे अस्पताल ले जाया गया.'' सिलसिला ने कहा कि शारीरिक रूप से अब वह ठीक हैं, लेकिन मानसिक रूप से उन्हें अभी और समय की जरूरत है. वह अब भी रात में दो से तीन बार अचानक से बीच में उठ जाती हैं और लगता है कि वह अब भी उसी जगह पर हैं, जहां पर यह घटना हुई थी.

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अलिखिल ने मामले में जांच और इलाज पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अपने वीडियो में पूछा, "मुझे आश्चर्य है कि डॉक्टर क्यों जानना चाहते हैं कि मैं घर से कितने बजे निकली और मैंने टैक्सी ली या फिर कोई और कार.'' उन्होंने यह आरोप तब लगाए हैं, जब पाकिस्तान में अधिकारियों ने अपने देश की धरती से उनके किडनैपिंग की किसी तरह की भूमिका या फिर जानकारी होने से इनकार किया है.

राजदूत की बेटी ने कहा, ''ऑर्थोपेडिक सर्जन ने मुझसे पूछा कि शुरू से अंत तक क्या हुआ, यह मैं बताऊं. मैं सोच रही थी कि एक डॉक्टर को इस बात की परवाह क्यों करनी चाहिए कि मैंने टैक्सी ली या प्राइवेट कार. मैं कुछ दिनों तक सदमे में थी और मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान पुलिस दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ लेगी.''
 

 

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