मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से फोन पर बात की है. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच मिडिल ईस्ट संकट और ईरान के आसपास के हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई.
रूस के सरकारी निवास 'क्रैमलिन' ने एक बयान जारी करते हुए पुतिन और नहयान के बातचीत के बारे में बताया. बयान के मुताबिक, फोन पर हुई इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति बहाली को लेकर अपनी बात रखी.
दोनों पक्षों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मिडिल ईस्ट में जारी संकट को खत्म करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों को लगातार जारी रखना बेहद जरूरी है.
शांति समझौते पर जोर
पुतिन और यूएई के राष्ट्रपति ने माना कि बातचीत के जरिए ही ऐसे शांति समझौतों तक पहुंचा जा सकता है जो सभी को मंजूर हों. इसके लिए एक समझौते के साथ राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगा. इस बातचीत का एक सबसे अहम पहलू ये रहा कि दोनों ही नेता क्षेत्र के सभी देशों के हितों का सम्मान करने पर सहमत हुए.
पुतिन और नहयान की बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि मिडिल ईस्ट में कोई भी शांति समझौता तैयार करते समय वहां के सभी राज्यों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए. ईरान और मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों को देखते हुए रूस और यूएई के शीर्ष नेताओं की ये बातचीत बेहद अहम मानी जा रही है.
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पीएम मोदी का यूएई दौरा
बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यूएई गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से मुलाकात की थी. नहयान के साथ एक अहम बैठक में पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की थी. उन्होंने जंग के दौरान यूएई के धैर्य को सराहा था और संकट की घड़ी में भारतीयों की सुरक्षा करने के लिए शुक्रिया भी अदा किया था. पीएम मोदी ने यूएई को भरोसा दिलाया था कि भारत हर हाल में उसके साथ खड़ा है और हमेशा खड़ा रहेगा.
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