EU से रूस को एक और बड़ा झटका, टैक्स हैवन की ब्लैकलिस्ट में शामिल

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अमेरिका सहित यूरोपीय देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. अब यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने रूस को टैक्स हैवन (Tax Haven) ब्लैकलिस्ट सूची में डाल दिया है. 

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ईयू का ध्वज (फोटो: रॉयटर्स) ईयू का ध्वज (फोटो: रॉयटर्स)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 10:37 PM IST

24 फरवरी को रूस और यूक्रेन युद्ध का एक साल पूरा होने जा रहा है. बिना किसी उकसावे के यूक्रेन पर रूस की इस आक्रामक कार्रवाई के बाद दुनियाभर में रूस को अलग-थलग कर दिया गया.

अमेरिका सहित यूरोपीय देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए. अब यूरोपीय यूनियन (ईयू) ने रूस को टैक्स हैवन (Tax Haven) ब्लैकलिस्ट सूची में डाल दिया है. 

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इससे पहले ईयू के वित्त मंत्रियों ने कहा था कि रूस, कोस्टा रिका, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और मार्शल आइलैंड्स को ईयू की टैक्स हैवन देशों की सूची में डाला जाएगा. ईयू के वित्त मंत्रियों की बैठक के लिए तैयार किए गए मसौदा निष्कर्ष में कहा गया कि रूस की कर व्यवस्था काफी खराब है और उसने इसे दुरुस्त करने का अब तक कोई प्रयास नहीं किया है.

बता दें कि 2017 में यूरोपियन यूनियन ने टैक्स हैवन देशों की सूची बनाई थी, जसमें अब तक 16 देशों को शामिल किया गया है. इनमें अमेरिकन समोआ, एंगुइला, बहामास, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, कोस्टा रिका, फिजी, गुआम, मार्शल आइलैंड्स, पलाऊ, पनामा, रूस, समोआ, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, तुर्क एंड कैकोस आइलैंड्स, यूएस वर्जिन आइलैंड्स और वानुअतुशामिल हैं.

क्या है टैक्स हैवन देश?

टैक्स हैवन ऐसे देश हैं, जहां पैसा रखकर विदेशी निवेशक कम रेट पर टैक्स का भुगतान करते हैं या एक रुपया भी टैक्स नहीं देते. वे अपने पैसे को टैक्स हैवन वाले देश में या उसके जरिए ट्रांसफर करके कई कंपनियां या बिजनेसमैन अधिक टैक्स वाले देशों में टैक्स देने से बच जाते हैं. टैक्स हेवन कहे जानें वाले ये देश ऐसी टैक्स नीति बनाते हैं, जो विदेशी निवेशकों के अनुकूल होती हैं. 

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