तवांग झड़प के बाद बोला चीन, संबंध मजबूत बनाने के लिए भारत के साथ काम करने को तैयार

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एएनआई के हवाले से कहा, "हम चीन-भारत संबंधों के स्थिर और मजबूत विकास की दिशा में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं." उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:55 PM IST

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों के बीच झड़प के कुछ दिनों बाद चीन ने अब देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बयान जारी किया है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने एएनआई के हवाले से कहा, "हम चीन-भारत संबंधों के स्थिर और मजबूत विकास की दिशा में भारत के साथ काम करने के लिए तैयार हैं." उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों ने राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मंत्री ने आगे कहा, "चीन और भारत ने राजनयिक और मिलिट्री टू मिलिट्री चैनलों के माध्यम से संचार बनाए रखा है, दोनों देश सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
 
चीन की ओर से ये बयान भारत और चीन द्वारा 20 दिसंबर को 17 वीं कमांडर-स्तरीय वार्ता आयोजित करने और पश्चिमी क्षेत्र में जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमत होने के बाद आया है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अंतरिम समय में, दोनों पक्ष पश्चिमी क्षेत्र में जमीन पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए." MEA ने  कहा कि दोनों पक्ष निकट संपर्क में रहने और सैन्य और राजनयिक चैनलों के माध्यम से बातचीत बनाए रखने और जल्द से जल्द शेष मुद्दों के पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर काम करने पर सहमत हुए.

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भारत-चीन अरुणाचल संघर्ष

बता दें कि बीते  9 दिसंबर को, अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कुछ कर्मियों को मामूली चोटें आईं. पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार को एलएसी के पास यांग्त्से के पास ये झड़प हुई थी.

भारत सरकार ने कहा, "दोनों पक्ष तुरंत क्षेत्र से हट गए. घटना के बाद, क्षेत्र में अपने कमांडर ने शांति और शांति बहाल करने के लिए संरचित तंत्र के अनुसार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने समकक्ष के साथ फ्लैग मीटिंग की." रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी संसद के दोनों सदनों में बयान दिया और कहा कि चीनी सैनिकों ने यांग्त्से क्षेत्र में यथास्थिति को 'एकतरफा' बदलने की कोशिश की लेकिन भारतीय सेना ने अपने दृढ़ जवाब से उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के दौरान किसी के हताहत होने या हमारे सैनिकों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है.

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