मिडिल-ईस्ट संकट के बीच पुतिन की पेशकश, रूस बनेगा नया ग्लोबल ट्रांजिट हब

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल-गैस की सप्लाई रुकने के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने रूस के सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन और लॉजिस्टिक्स मार्ग उपलब्ध कराने की बात कही है. उन्होंने रूस के लॉजिस्टिक्स रूट्स की आर्थिक और समय बचाने वाली अहमियत पर जोर दिया.

Advertisement
पुतिन ने. (AP photo) पुतिन ने. (AP photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:00 AM IST

मिडिल-ईस्ट में जारी जंग और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल-गैस की सप्लाई रुकने के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को राहत की खबर दी है. पुतिन ने कहा है कि रूस दुनिया को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन और लॉजिस्टिक्स मार्ग उपलब्ध करा सकता है.

इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स फोरम को दिए एक वीडियो संदेश में पुतिन ने कहा कि मिडिल-ईस्ट के हालात सीधे तौर पर ऊर्जा बाजारों पर असर डाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाला तेल और गैस का परिवहन अब खतरे में है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है.

Advertisement

पुतिन ने इस मौके पर रूसी रास्तों की अहमियत बताते हुए कहा, 'रूस दुनिया को ऐसे समाधान दे सकता है और ग्लोबल लॉजिस्टिक्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक नया ढांचा तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकता है.'

पुतिन का कहना है कि रूस के लॉजिस्टिक्स रूट न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद हैं, बल्कि वो ट्रांजिट टाइम को भी कम करते हैं. उन्होंने तर्क दिया कि ये रास्ते ग्लोबल ट्रांजिट फ्लो में डाइवर्टिफिकेशन लाने के लिए जरूरी हैं.

राष्ट्रपति ने ये भी भरोसा दिलाया कि रूस इस क्षेत्र में अपने एक्सपीरियंस शेयर करने और संयुक्त कार्यक्रम चलाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि उनका देश ऐसे स्पेशलिस्ट तैयार कर सकता है जो 21वीं सदी में परिवहन और रसद के विकास को नई तकनीकी आधारशिला दे सके.

यह भी पढ़ें: आगबबूला ट्रंप करेंगे NATO से एग्जिट, कहा- पुतिन भी जानते हैं ये कागजी शेर हैं!

Advertisement

ट्रंप की यूरोपीय देशों को धमकी

बता दें कि अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी लगी दी है. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय देशों से कहा था कि वो होर्मुज खुलवाने के लिए उनके गठबंधन में शामिल हों. लेकिन यूरोपीय देशों ने इससे साफ इनकार कर दिया. दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी इस रास्ते को खोलने के लिए ताकत का इस्तेमाल करने को तैयार है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement