पोप ने धोए हिंदू-मुस्लिम शरणार्थियों के पैर

रोमन कैथोलिक चर्च के पोप फ्रांसिस ने धार्मिक सद्भावना का संदेश देने के लिए मुस्लिम, रूढ़िवादी, हिंदू और कैथोलिक शरणार्थियों के पैर धोएं. उन्होंने सभी को एक ही ईश्वर की संतान घोषित किया. फ्रांसिस ने मार-काट की निंदा करते हुए उसे ‘युद्ध की मुद्रा’ ठहराया है.

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पोप फ्रांसिस पोप फ्रांसिस

अंजलि कर्मकार

  • कासेलनोवो डि पोटरे,
  • 25 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 11:42 AM IST

रोमन कैथोलिक चर्च के पोप फ्रांसिस ने धार्मिक सद्भावना का संदेश देने के लिए मुस्लिम, रूढ़िवादी, हिंदू और कैथोलिक शरणार्थियों के पैर धोएं. उन्होंने सभी को एक ही ईश्वर की संतान घोषित किया. फ्रांसिस ने मार-काट की निंदा करते हुए उसे ‘युद्ध की मुद्रा’ ठहराया है.

हथियार उद्योग से खून के प्यासे बन रहे लोग
पोप ने यह बात ईस्टर वीक मास के दौरान रोम के बाहर कासेलनोवो डि पोटरे के एक शेल्टर होम में कही। उन्होंने कहा, 'हथियार उद्योग से लोगों को खून का प्यासा बनाया जा रहा है.' ने भाईचारे की यह मिसाल यह ऐसे समय में दी है, जब के बाद मुस्लिम विरोधी भावनाएं बढ़ रही हैं.

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मिलकर करें मानवता की रक्षा
पोप फ्रांसिस ने कहा कि हम सभी की विभिन्न संस्कृतियां और धर्म है, लेकिन हम सभी भाई हैं. इसलिए हमें शांति से रहना चाहिए और की रक्षा करनी चाहिए.

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