ईरान ने पाकिस्तानी को दिया था ट्रंप की हत्या का कॉन्ट्रैक्ट, कोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

न्यूयॉर्क की अदालत में पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने सनसनीखेज दावा किया कि ईरानी खुफिया एजेंट्स ने उसे अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश में जबरन शामिल किया था. मर्चेंट ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हैंडलर ने उसे डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडन और निक्की हेली को निशाना बनाने को कहा था.

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एफबीआई ने पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया था. (Photo: AP) एफबीआई ने पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को डोनाल्ड ट्रंप की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया था. (Photo: AP)

रोहित शर्मा

  • वाशिंगटन,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

न्यूयॉर्क की एक अदालत में चल रहे एक मुकदमे की कार्यवाही के दौरान बुधवार को एक सनसनीखेज खुलासा हुआ. पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट (47) ने जजों के सामने चौंकाने वाला बयान दिया कि ईरानी खुफिया एजेंट्स ने उसे जबरदस्ती अमेरिका के प्रमुख राजनीतिज्ञों की हत्या की साजिश में शामिल किया था. मर्चेंट पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त होने और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के आरोप हैं. आसिफ मर्चेंट ने दावा किया कि ईरानी इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक हैंडलर मेहरदाद यूसुफ ने अप्रैल 2024 में उसे अमेरिका भेजा और कहा कि शायद किसी की हत्या करनी पड़े.

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आसिफ के मुताबिक ईरानी हैंडलर ने उसे तीन संभावित निशाने बताए- डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडन और निक्की हेली. उस समय ट्रंप और बाइडन 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के प्रमुख उम्मीदवार थे, जबकि हेली एक महीने पहले ही इस रेस से बाहर हो चुकी थीं. मर्चेंट ने अदालत में बताया कि उसने 2022 या 2023 में ईरानी जासूसों के साथ काम शुरू किया था और अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में उनकी मदद की. बाद में ईरानी हैंडलर ने उसे प्रमुख अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने और कुछ दस्तावेज चुराने का काम सौंपा.

आसिफ मर्चेंट ने कोर्ट में दिया बयान

आसिफ मर्चेंट ने न्यूयॉर्क की अदालत में कहा, 'मेरे परिवार को धमकी दी गई थी. मेरे ईरान में रहने वाले रिश्तेदारों पर दबाव डाला गया. मेरे पास कोई और विकल्प नहीं था.' मर्चेंट ने बताया कि उसकी पत्नी पाकिस्तान में उसके तीन बच्चों के साथ रहती है और ईरान में भी उसके परिवार के सदस्य हैं. आसिफ के मुताबिक ईरानी हैंडलर ने उसके घर के बाहर आकर परिवार वालों को हथियार दिखाए और उन्हें डराया-धमाकाया ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके. एफबीआई के हिडेन कैमरों ने जून 2024 में क्वींस के एक मोटल में मर्चेंट को एक रिपब्लिकन नेता (जिसे कोर्ट दस्तावेजों में ट्रंप बताया गया) की हत्या की योजना बनाते रिकॉर्ड किया था. एफबीआई के मुताबिक आसिफ मर्चेंट को ईरानी हैंडलर ने 5000 डॉलर एडवांस दिए थे.

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यह भी पढ़ें: सऊदी-UAE-कतर से लेकर सीरिया-इराक तक तबाही का मंजर... ईरान की जंग में कहां, कितनी मौतें?

वीडियो में वह कहता है, 'यह टारगेट है. यह कैसे मरेगा?' आसिफ मर्चेंट ने जूरी को बताया कि वह जानता था कि उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा. उसने कोर्ट में दिए गए अपने बयान में कहा, 'मुझे लग रहा था कि साजिश सफल नहीं होगी. मुझे $5,000 मिले थे. कोई इतने कम पैसे में हत्या नहीं करता. मैं मानसिक रूप से तैयार था कि पकड़ा जाऊंगा.' उसने दावा किया कि वह अमेरिकी सरकार को साजिश के बारे में बताना चाहता था और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहता था. मर्चेंट ने कोर्ट में खुद पर लगे टेररिज्म और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के आरोपों से इनकार किया और निर्दोष होने का दावा किया.

दोषी पाए जाने पर मिलेगी उम्रकैद

यदि आसिफ मर्चेंट को दोषी पाया गया तो उसे उम्रकैद हो सकती है. प्रॉसीक्यूशन ने गुरुवार को उसके क्रॉस-एग्जामिनेशन की तैयारी की है, जहां आसिफ के बयानों को लेकर उससे सवाल किए जाएंगे. यह मामला ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच सुर्खियों में है. बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कई बार यह दावा कर चुके हैं कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स उनकी हत्या की साजिश रच रहा है. ट्रंन ने दो दिन पहले कहा था कि अली खामेनेई उन्हें मरवाना चाहते थे, उसके पहले अमेरिका ने उन्हें मार गिराया. बता दें कि ईरान का सुप्रीम लीडर ही ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कार्प्स का प्रमुख होता है.

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