अवैध कब्जे वाली जगह पर पाकिस्तान चुनाव का स्वांग रच रहा है, जिसको लेकर भारत ने उसे जमकर सुनाया. पाकिस्तान के इस प्लान का कड़ा विरोध जताते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने अवैध कब्जे वाले सभी क्षेत्रों को जल्द खाली कर दे.
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले तथाकथित 'आम चुनाव' पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय क्षेत्र में कराए जा रहे हैं.
तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान विधानसभा की स्थापना 2009 में हुई थी और इसमें कुल 33 सीटें हैं, जिनमें 24 सामान्य सीटें, महिलाओं के लिए छह आरक्षित सीटें और टेक्नोक्रेट और पेशेवरों के लिए तीन आरक्षित सीटें शामिल हैं.
विदेश मंत्रालय ने भारत के लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराते हुए कहा, 'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान भी शामिल है, 1947 में जम्मू और कश्मीर के भारत में पूर्ण, कानूनी और अपरिवर्तनीय विलय के परिणामस्वरूप भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं.'
भारत ने पाकिस्तान पर क्षेत्र में गंभीर चिंताओं से ध्यान हटाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया, जिसमें कथित मानवाधिकार उल्लंघन, राजनीतिक दमन, आर्थिक शोषण और मौलिक स्वतंत्रता से वंचित करना शामिल है.
सरकार ने कहा कि इस तरह की कोशिश से क्षेत्र की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आ सकता और न ही इससे क्षेत्र पर पाकिस्तान के नियंत्रण को वैधता मिल सकती है.
भारत ने साफ कहा कि इस्लामाबाद इस तथ्य को छिपा नहीं सकता कि वह भारतीय क्षेत्र पर अवैध रूप से कब्जा करना जारी रखे हुए है.
शिवानी शर्मा