नवाज बोले- हम शांति के पक्षधर, इसे कमजोरी न समझा जाए

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस्लामाबाद में मंगलवार को अपने आवास पर नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (एनएससी) बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में टॉप सैनिक नेतृत्व के साथ सभी प्रमुख मंत्रियों ने हिस्सा लिया. बैठक में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के ताजा हालात का जायजा लिया गया.

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नवाज शरीफ नवाज शरीफ

अमित कुमार दुबे / अनिल कुमार / खुशदीप सहगल

  • इस्लामाबाद,
  • 04 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस्लामाबाद में मंगलवार को अपने आवास पर नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (एनएससी) बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक में टॉप सैनिक नेतृत्व के साथ सभी प्रमुख मंत्रियों ने हिस्सा लिया. बैठक में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के ताजा हालात का जायजा लिया गया.

बैठक में पाकिस्तानी सेना की ऑपरेशनल तैयारियों पर पूरी तरह संतोष व्यक्त किया गया. साथ ही कहा गया कि पूरा देश सेना के साथ एकजुट है और किसी भी सूरत में पाकिस्तान की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा.

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बैठक के बाद पीएम दफ्तर से जारी बयान में कहा गया, "पाकिस्तान को खोखली बयानबाजी और आक्रामक तेवर दिखा कर झुकाया नहीं जा सकता."

एनएससी की बैठक में नवाज शरीफ ने कहा, "पाकिस्तान शांति और सामूहिक बेहतरी में विश्वास रखता है. पाकिस्तान किसी भी देश के खिलाफ आक्रामक इरादे नहीं रखता. लेकिन हमारी शांति की चाहत को हमारी कमजोरी समझने की कोई भूल नहीं करे. हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को किसी भी तरह की चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने में हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है."

बैठक में हिस्सा लेने वालों का मानना था कि इस वक्त पूर्वी बॉर्डर और एलओसी पर तनाव का बढ़ना पाकिस्तान का फोकस आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से हटाएगा. वो भी तब जब ये लड़ाई निर्णायक मोड़ पर आ चुकी है. ये माना गया कि पूर्वी बॉर्डर पर तनाव बढ़ने से अपनी जमीन पर आतंक के खिलाफ लड़ाई में जो अभी तक हासिल कर चुके हैं, उसे नुकसान पहुंचेगा.

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प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस मौके पर कश्मीर का मुद्दा भी उठाया. नवाज ने कहा कि पाकिस्तान और कश्मीर को अलग नहीं किया जा सकता और पाकिस्तान कश्मीरी लोगों को हर मंच पर नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन देता रहेगा.

भारत के पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर नवाज ने कहा कि भारत को दुनिया का ध्यान हटाने की व्यर्थ कोशिशों की जगह क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए कश्मीर के बरसों से लंबित मुद्दे को सुलझाने के लिए आगे आना चाहिए.

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