नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में काठमांडू जिला अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था.

Advertisement
मनी लॉन्ड्रिंग केस में नेपाली सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, देउबा दंपति को अंतरिम राहत. (File Photo: ITG) मनी लॉन्ड्रिंग केस में नेपाली सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, देउबा दंपति को अंतरिम राहत. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • काठमांडू,
  • 25 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:18 PM IST

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है. नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए इस दंपति की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. 

जस्टिस महेश शर्मा पौडेल और नित्यानंद पांडे की बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए काठमांडू जिला अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर सवाल उठाए. अदालत ने कहा कि देउबा दंपति के खिलाफ वारंट जारी करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था.

Advertisement

काठमांडू जिला अदालत ने 6 अप्रैल को पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. बताया गया कि यह दंपति 26 फरवरी से इलाज के लिए विदेश में था. आरजू राणा देउबा नेपाल की पूर्व विदेश मंत्री भी रह चुकी हैं. 

इस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी. ये मामला पिछले साल हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों से जुड़ा है. Gen Z समूह के बैनर तले हजारों युवाओं ने 8 और 9 सितंबर को काठमांडू में प्रदर्शन किए थे. इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क गई थी.

इस हिंसा में 76 लोगों की मौत हुई थी. बताया गया कि 8 सितंबर को प्रदर्शन के पहले दिन पुलिस फायरिंग में 19 प्रदर्शनकारी मारे गए थे. इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने देउबा के आवास पर भी हमला किया था. इस हमले में देउबा दंपति को चोटें आई थीं. हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो क्लिप वायरल हुए थे. 

Advertisement

इन वीडियो में प्रदर्शनकारियों द्वारा बड़ी मात्रा में नेपाली मुद्रा और अमेरिकी डॉलर जलाते हुए दिखाया गया था. इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू की. विभाग ने जली हुई मुद्रा की राख के आधार पर फोरेंसिक रिपोर्ट भी तैयार की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि देउबा और उनकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई में प्रक्रियागत खामियां थीं. अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे देउबा दंपति को गिरफ्तार न करें. इस मामले में नेपाल पुलिस ने इंटरपोल से देउबा दंपति के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध भी किया था. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »